फर्जी छात्रवृत्ति घोटाला: शिक्षाविद् पसारी बंधु जमानत पर, 13 साल बाद लौटाई घोटाले की रकम! ????

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???? फर्जी छात्रवृत्ति घोटाला: शिक्षाविद् पसारी बंधु जमानत पर, 13 साल बाद लौटाई घोटाले की रकम! ????

इंदौर। शहर के जाने-माने शिक्षाविद् ????‍???? और श्री वैष्णव विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के चांसलर पुरुषोत्तम पसारी और उनके भाई विष्णु पसारी पर फर्जी छात्रवृत्ति मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई चल रही है। ⚖️ इस मामले में, दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी ????‍♂️ से बचने के लिए पहले ही हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी।

हाल ही में, विशेष न्यायाधीश ने इस अग्रिम जमानत को निरस्त करने के लिए दायर एक आवेदन को खारिज कर दिया है। ❌ हाईकोर्ट बेंच ने अपने फैसले में कहा कि पसारी बंधुओं का इस राशि से कोई सीधा लेना-देना नहीं है और उन्होंने जांच ????️‍♂️ में पूरा सहयोग दिया है। इसी आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत दी गई थी।

क्या है पूरा मामला? ????

यह पूरा घोटाला एक अज्ञात छात्रा ????‍???? के नाम पर फर्जी तरीके से स्कॉलरशिप लेने से जुड़ा है। श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संचालक पंकज शर्मा ने लोकायुक्त में शिकायत ???? दर्ज कराई थी कि पसारी बंधुओं ने फर्जीवाड़ा किया है।

आरोप है कि विष्णु पसारी के खिलाफ अपराध क्रमांक 250/2015 के तहत धारा 420, 406, 467, 468 और 471 (धोखाधड़ी ????, फर्जी दस्तावेज बनाना ???? और इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज है।

शिकायत के अनुसार, सत्र 2011-12 के दौरान, अमृता राय नाम की एक छात्रा का बीएड (B.Ed) कोर्स में एडमिशन दिखाया गया। ???? इस एडमिशन के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में फर्जी दस्तावेज जमा किए गए और ₹28,850 (अट्ठाईस हजार आठ सौ पचास रुपये) की स्कॉलरशिप हासिल की गई। ????

13 साल तक इस्तेमाल की राशि ⏳

आरोप है कि इस राशि का 13 साल तक इस्तेमाल किया गया। ???? लेकिन, जैसे ही इस मामले की शिकायत हुई और जांच शुरू हुई, संबंधित संस्था द्वारा यह स्कॉलरशिप की राशि शासन को वापस जमा कर दी गई। ????

शिकायतकर्ता का कहना है कि पैसे वापस करना ही इस बात का सबूत ???? है कि उन्होंने फर्जी तरीके से यह छात्रवृत्ति ली थी।

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Author: KPN News

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₹7.78 lakh worth milk, ghee seized in Hyderabad during Statewide food safety drive

{“title_results”:[“हैदराबाद में ₹7.78 लाख मूल्य का दूध और घी खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान जब्त”],”content_results”:[“हैदराबाद में ₹7.78 लाख मूल्य का दूध और घी जब्तहैदराबाद – (रिपोर्टर)खबर का सारराज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान हैदराबाद में पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने ₹7.78 लाख मूल्य के दूध एवं घी के नकली और मिलावटी उत्पाद जब्त किए हैं। ये कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए की गई और अनियमितता पर कड़ी नजर बनाए रखने का संकेत है।घटना का विस्तारखाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य भर में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भोजन सामग्री के गुणवत्ता मानकों का पालन करवाना है। हैदराबाद में विभिन्न बाजारों और गोदामों की जांच के दौरान 30 से अधिक पॉइंट्स पर दूध और घी के संदिग्ध नमूने पाए गए। इन सामग्रियों की जांच में पता चला कि वे मिलावटी और हर्जाने के काबिल थे। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध सामान को जब्त कर उसके स्रोतों की पड़ताल की जा रही है और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।प्रतिक्रियाखाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा मकसद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाना है। इस तरह के खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। हम लगातार इस तरह की जांच कर रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” उपभोक्ता संरक्षण संगठनों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की और लोगों से चेतावनी देते हुए कहा कि वे केवल विश्वसनीय और प्रमाणित दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।अतिरिक्त जानकारी और प्रभावइस कार्रवाई ने राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ न केवल स्वास्थ्य संकट पैदा करते हैं बल्कि ग्राहकों के विश्वास को भी ठेस पहुंचाते हैं। खाद्य विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील की है ताकि वे संदिग्ध उत्पादों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। इसके अलावा, भविष्य में इस तरह की अभियान को और तेज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर नियम लागू किए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री प्राप्त होगी और स्वास्थ्य सम्बंधित जोखिम घटेंगे।”]}

₹7.78 lakh worth milk, ghee seized in Hyderabad during Statewide food safety drive

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