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Coimbatore school to host national conference on AI in education

कोयम्बत्तूर स्कूल में शिक्षा में एआई पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

कोयम्बत्तूर के विद्यावनम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छठा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कोयम्बत्तूर/अणैकट्टी – (रिपोर्टर) कहानी का सार प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में नयी तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कोयम्बत्तूर के विद्यावनम सीनियर सेकेंडरी स्कूल अणैकट्टी में 29 और 30 मई को अपने छठे

सुरों की मल्लिका आशा भोंसले जी का भारतीय संगीत में योगदान सिर्फ गानों तक सीमित नहीं है,

सुरों की मल्लिका आशा भोंसले जी का भारतीय संगीत में योगदान सिर्फ गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने गायकी के हर अंदाज़ को एक नई परिभाषा दी है। यहाँ *”खबर पर नजर परिवार”* की ओर से उनके जीवन, उपलब्धियों और कालजयी गीतों की विस्तृत जानकारी के साथ विशेष श्रद्धांजलि दी गई है: ## 🎤 आशा भोंसले: सुरों का एक विशाल सफर आशा जी ने 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाकर अपना नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया है। उनकी खासियत उनकी *Versatility (विविधता)* है—वे शास्त्रीय संगीत, पॉप, गज़ल और कैबरे, हर शैली में माहिर हैं। ### 🎼 सदाबहार गानों का विस्तृत विवरण | गाने का नाम | विशेष बात | फिल्म / संगीतकार | |—|—|—| | *इन

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