अचानक क्यों आई तेजी?
मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच सोना और चांदी लगातार दबाव में थे। लेकिन जैसे ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और सीजफायर की बातचीत आगे बढ़ने की खबर आई, बाजार ने राहत की सांस ली। इसी के चलते बुधवार को सोने और चांदी में जोरदार उछाल देखने को मिला।
एमसीएक्स पर सोना 3.73% की तेजी के साथ 1,44,100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 4.80% उछलकर 2,34,700 रुपए प्रति किलो हो गई। यह तेजी अचानक जरूर दिखी, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह एक “टेक्निकल रिबाउंड” है।
मार्च 2026 में सोना लगभग 19% टूट चुका था, जो पिछले चार दशकों की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है। इसी कारण बाजार में ओवरसोल्ड स्थिति बन गई थी, जहां से यह उछाल आया।
तेजी के पीछे 3 बड़े कारण
अजय केडिया के अनुसार इस उछाल के पीछे तीन मुख्य वजहें हैं:
- ग्लोबल टेंशन में कमी
- डॉलर इंडेक्स का कमजोर होना
- शॉर्ट कवरिंग
इन तीनों फैक्टर्स ने मिलकर सोने और चांदी में अचानक खरीदारी को बढ़ावा दिया।
आगे क्या हैं टारगेट?
हालांकि बाजार में तेजी आई है, लेकिन इसे लंबी रैली नहीं माना जा रहा। यह सिर्फ एक करेक्टिव बाउंस हो सकता है।
- सोना: 4,900 डॉलर (लगभग 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम)
- चांदी: 80-82 डॉलर (करीब 2.73 लाख रुपए प्रति किलो)
गोल्ड-सिल्वर रेशियो भी 66 से घटकर 62 हो गया है, जो संकेत देता है कि फिलहाल चांदी थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
क्या फिर गिर सकते हैं दाम?
तेजी के बावजूद गिरावट का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है।
- सोना: 3,450–3,500 डॉलर (लगभग 1.15 लाख रुपए)
- चांदी: 50–53 डॉलर (लगभग 1.76 लाख रुपए)
अगर सपोर्ट लेवल टूटते हैं, तो बाजार में फिर बड़ी गिरावट आ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
अजय केडिया का साफ कहना है कि इस समय सावधानी जरूरी है।
- एकमुश्त निवेश से बचें
- SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करें
- सोने को प्राथमिकता दें
सोना एक सुरक्षित निवेश है और सेंट्रल बैंक भी इसमें भारी खरीदारी कर रहे हैं।










