इंदौर के ब्रजेश्वरी इलाके में मनोज पुगलिया के घर हुए भयानक अग्निकांड ने शहर को हिला दिया। इस घटना में आठ लोगों की मौत हुई थी। अब पुलिस जांच में एक निर्णायक मोड़ आया है। मनोज के बड़े बेटे सौरभ ने स्वीकार किया कि उनके छोटे भाई हर्षित ने रात में ईवी (EV) कार को चार्जिंग पर लगाया था, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ी।
पूछताछ में परिवार के तीनों बेटों ने दिए बयान
पुलिस ने पुगलिया परिवार से बुधवार को पूछताछ की। इस दौरान सौरभ, सौमिल और हर्षित सहित कुछ दोस्तों ऋषभ जादौन और शिवेंद्र के बयान दर्ज किए गए। करीब चार घंटे चले बयानों में सौरभ ने बताया कि कार रात को हर्षित ने चार्जिंग पर लगाई थी।
सौरभ ने कहा, “मुझे बाद में पता चला कि कार चार्जिंग पर थी। मैं तो चार्जर निकालकर सो गया था। सबसे छोटा भाई हर्षित ने रात 11 बजे कार को चार्जिंग पर लगाया।” इस बयान से बिजली कंपनी और फायर सेफ्टी अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्ट की पुष्टि हुई।
बिजली कंपनी और स्मार्ट मीटर का डेटा
बिजली कंपनी ने भी सौरभ के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर डेटा में रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक कार चार्जिंग पर थी। मीटर में लगभग 9 किलोवाट तक का लोड रिकॉर्ड किया गया था। घर में 15 किलोवाट का कनेक्शन स्वीकृत था।
विशेषज्ञों ने पहले ही कहा था कि ईवी से आग लगने की संभावना रहती है। स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर डेटा का विश्लेषण भी इसी ओर इशारा कर रहा है।
गैस सिलिंडर की भूमिका
सौरभ ने गैस सिलिंडर के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को उनके भाई सौमिल की शादी थी और कुछ सिलिंडर बचे हुए थे। उनके पिता मनोज ने एक कार्यक्रम के लिए सिलिंडर रखे थे। मां सुनीता के नाम से अवंतिका गैस का कनेक्शन है और सौरभ के नाम से भी इंडियन गैस का कनेक्शन है।
इस पहलू की जांच भी फोरेंसिक टीम कर रही है ताकि आग की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री को दी शिकायत
हालांकि सौरभ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी शिकायत की थी कि पुलिस अफवाह फैला रही है। उन्होंने कहा कि चार्जर कनेक्ट नहीं था। लेकिन बिजली कंपनी और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कार रात में चार्जिंग पर थी।
आग की भयावहता और मृतकों की सूची
हादसे में मनोज पुगलिया के अलावा सिमरन पुगलिया, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका संचेती, राशि, तनय और कार्तिक की मौत हो गई थी। सभी की मौत जलने और दम घुटने से हुई।
फोरेंसिक और विशेषज्ञ जांच
अब फोरेंसिक और बिजली कंपनी की रिपोर्ट के बाद अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। ईवी कार विशेषज्ञ भी घटनास्थल और कार की स्थिति का अध्ययन कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर, ईवी कार से आग लगने की संभावना सबसे प्रबल दिखाई दे रही है।
आगे की जांच
तीनों बेटों के बयान और विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अंतिम निर्णय करेगी। पुलिस ने यह भी कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फोरेंसिक और तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया जाएगा।
निष्कर्ष: इंदौर ब्रजेश्वरी अग्निकांड में अब तक की जांच ने ईवी कार को आग का मुख्य कारण घोषित किया है। बेटों के बयान और बिजली कंपनी के स्मार्ट मीटर डेटा ने इस संभावना को और मजबूत किया है।










