ग्राम पड़दा में भगवान आदिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का ऐतिहासिक समापन: ड्रोन से हुई पुष्प वर्षा, उमड़ा आस्था का सैलाब

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खबर पर नजर संवाददाता शैलेंद्र श्रीमाल

ग्राम पड़दा में भगवान आदिनाथ प्रतिष्ठा महोत्सव का ऐतिहासिक समापन: ड्रोन से हुई पुष्प वर्षा, उमड़ा आस्था का सैलाब

मनासा। तहसील मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पड़दा में जैन समाज का भव्य पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव अपार धार्मिक उत्साह, भक्ति और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। आचार्य चन्द्ररत्न सागर सूरीश्वर महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत तृतीय दिवस पर बड़े धूमधाम से प्रतिष्ठा की गई, जिसमें प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ और नाकोड़ा भैरव जी की प्रतिमाओं की विधि-विधान से स्थापना की गई। जैसे ही मंदिर के गगनचुंबी शिखर पर प्रथम बार ध्वज फहराया गया, पूरा आकाश जिनशासन के जयकारों से गूंज उठा और ड्रोन के माध्यम से की गई पुष्प वर्षा ने इस दृश्य को अलौकिक बना दिया।

प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक क्रियाओं का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। मंदिर के मुख्य द्वार उद्घाटन का सौभाग्य दिल्ली के ओमप्रकाश जी श्रीमाल परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं, आदमपुर मंडी के नरेंद्र जी आशा जैन परिवार ने कमली उड़ाने का लाभ लिया। प्रतिष्ठा के अवसर पर जीव दया और साधारण देव द्रव्य की बोलियों में भी श्रीमाल परिवार के सदस्यों सहित अन्य परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आरती का लाभ जवाहर श्रीमाल व अरहम श्रीमाल को मिला, जबकि शाम की भक्ति का विशेष लाभ मंदसौर निवासी श्रीमान अशोक कुमार जी, विजय कुमार जी, अजय, अक्षय और आकाश खटोड़ परिवार द्वारा लिया गया।

ग्राम पड़दा के सरपंच सुभाष श्रीमाल ने इस भव्य आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर प्रतिष्ठा का संकल्प उनके मन में काफी समय से था, जिसे अल्प समय में पूर्ण करने हेतु पूरे मंदिर को राजस्थान के भव्य मार्बल से सुसज्जित किया गया है। महोत्सव के दौरान क्षेत्रीय विधायक ने भी अपनी मंडली के साथ पहुंचकर महाराज श्री का आशीर्वाद लिया और दर्शन किए। इस पूरे पांच दिवसीय आयोजन में ग्रामवासियों के साथ-साथ राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली से आए सैकड़ों लाभार्थियों ने भाग लिया। लगभग 5000 से अधिक लोगों ने धार्मिक स्वामी वात्सल्य (महाप्रसाद) का लाभ उठाया।

महोत्सव के अंतिम दिवस की शुरुआत सुबह 6:00 बजे द्वार उद्घाटन की रस्म के साथ हुई, जिसके लिए लाभार्थी परिवार अपने निवास से गाजे-बाजे के साथ प्रस्थान कर मंदिर पहुंचे। इसके पश्चात श्रद्धापूर्वक 70 भेदी पूजन संपन्न किया गया। सरपंच सुभाष श्रीमाल ने बाहर से आए सभी अतिथियों का माला व साफा पहनाकर स्वागत सत्कार किया। कार्यक्रम के अंत में आचार्य श्री ने उपस्थित जनसमूह को मांगलिक सुनाकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया और ग्राम पड़दा से विहार किया।

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क्रेडिट: खबर पर नजर पत्रकार शैलेंद्र श्रीमाल

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Author: KPN News

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