भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Indian Army को 7.62 मिमी कैलिबर की 2000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गनों (LMG) की पहली खेप मिल गई है। यह डिलीवरी न केवल सैन्य शक्ति को बढ़ाने वाली है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता का भी एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
🔹 ‘मेक इन इंडिया’ को मिली नई ताकत
इन अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण Adani Defence & Aerospace द्वारा किया गया है। कंपनी ने तय समय सीमा से पहले डिलीवरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
‘प्रहार’ LMG का निर्माण मध्य प्रदेश के मालनपुर स्थित अत्याधुनिक स्मॉल आर्म्स कॉम्पलेक्स में किया गया है, जो भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
🔹 कुल 40,000 मशीन गनों का बड़ा ऑर्डर
जानकारी के अनुसार, सेना ने कुल 40,000 ‘प्रहार’ मशीन गनों का ऑर्डर दिया है। इसमें से पहली खेप के रूप में 2000 गन सौंपी गई हैं।
आने वाले तीन वर्षों में पूरा ऑर्डर पूरा किया जाएगा।
🔹 समारोह में सौंपी गई पहली खेप
शनिवार को आयोजित एक विशेष समारोह में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी A. Ambarasu ने सेना को यह खेप सौंपी।
इस दौरान कंपनी के सीईओ Ashish Rajvanshi और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
अंबरासु ने एलएमजी ले जा रहे ट्रकों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
🔹 तय समय से पहले डिलीवरी
सीईओ राजवंशी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब छह साल लगे, जबकि तय समय सीमा सात साल से अधिक थी।
इस प्रकार कंपनी ने 11 महीने पहले ही डिलीवरी कर दी।
🔹 ‘प्रहार’ LMG की खासियतें
नई ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन कई आधुनिक तकनीकों से लैस है:
- 7.62 मिमी कैलिबर, जो अधिक फायरपावर देता है
- हल्का वजन, जिससे सैनिकों को आसानी
- उच्च सटीकता (Accuracy)
- कठिन इलाकों में भी बेहतर प्रदर्शन
🔹 युद्धक्षेत्र में बढ़ेगी क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार, इन हथियारों के शामिल होने से:
- सेना की फायरिंग क्षमता बढ़ेगी
- ऑपरेशन अधिक प्रभावी होंगे
- सीमावर्ती इलाकों में मजबूती मिलेगी
🔹 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह प्रोजेक्ट भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को भी मजबूती देता है।
पहले इस तरह के हथियारों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता थी, लेकिन अब देश में ही उत्पादन हो रहा है।
🔹 रणनीतिक महत्व
मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगातार आधुनिक हथियारों को शामिल कर रहा है।
🔹 निष्कर्ष
‘प्रहार’ LMG की पहली खेप भारतीय सेना के लिए सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।
यह कदम आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत को नई ऊंचाई देने वाला साबित हो सकता है










