बेंगलुरु की वयारी ने बांस की फैर्नीचर को कढ़ाई कला में बदला
बेंगलुरु – (रिपोर्टर)
खबर का सार
बेंगलुरु स्थित वयारी स्टूडियो ने यहां के पारंपरिक रattan फर्नीचर को एक नया आयाम दिया है। संस्थापक सौम्या कश्यप ने रattan की लकड़ी को सूत कढ़ाई यानी थ्रेड-ऑन-केन कला के जरिए जीवंत होकर एक अनूठी शिल्प कला में परिवर्तित किया है। यह नया प्रयोग शहर की हस्तशिल्प विरासत में एक नवाचार के रूप में उभर रहा है, जो रattan फर्नीचर को न केवल उपयोगी बल्कि सौंदर्यपूर्ण दृष्टि से भी आकर्षक बनाता है।
घटना का विस्तार
वयारी के संस्थापक सौम्या कश्यप ने बताया कि यह पहल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवशिष्ट कपास के धागे का सदुपयोग करते हुए की गई है। पारंपरिक बांस के फर्नीचर पर वे सूती धागों की बारीक कढ़ाई करते हैं, जिससे फर्नीचर कला का रूप धारण कर जाता है। सौम्या ने बताया कि इस कला में उन्हें बांस की कठोरता के साथ सूती नर्म धागों को मिश्रित करना चाहिए, जिससे डिजाइन में शिल्प कौशल के साथ-साथ टिकाऊपन भी बना रहे। यह प्रयोग वायुमंडलीय अनुकूलता का ध्यान रखते हुए क्रिएटिविटी और इको-फ्रेंडली सोच का उदाहरण है।
प्रतिक्रिया और बयान
सौम्या कश्यप ने कहा, “हमने परंपरागत बांस की वस्तुओं को एक आधुनिक रुख देने का प्रयास किया है। हमारे ग्राहकों का उत्साह देखकर हमें बहुत प्रेरणा मिलती है। यह तरीका न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि हमारे शिल्पकारों को भी नई संभावनाएं प्रदान करता है।” स्थानीय ग्राहक और कला प्रेमी इस नवाचार को खूब सराह रहे हैं, जिससे वयारी का काम बेहतर अवसर पा रहा है।
अतिरिक्त जानकारी एवं प्रभाव
बेंगलुरु में इस तरह की कढ़ाई कला का विस्तार पर्यावरण संरक्षण के नए आयाम खोलता है। बचाए गए कपास के धागों का इस्तेमाल फैशन और इंटीरियर डिजाइन क्षेत्र में रिसाइकलिंग के महत्व को भी दर्शाता है। ऐसे प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक होते हैं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक छवि को भी विविधता प्रदान करते हैं। वयारी की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भारत के अन्य शहरों में भी इस तरह के इको-फ्रेंडली शिल्प प्रोजेक्ट्स को अपनाया जाएगा।
🚩 सादर जय जिनेंद्र 🚩
📢 खबर पर नजर (Khabar Par Nazar) न्यूज़ नेटवर्क 📰
🚀 अब आपकी हर खबर पहुंचेगी लाखों लोगों तक!
🗞️ दैनिक पेपर: दैनिक अभियान आज तक (6 राज्यों में प्रसारित)
🗞️ साप्ताहिक पेपर: जन स्वामी
🎤 संवाददाता: खुशी श्रीमाल
🛡️ मार्गदर्शक: शैलेंद्र श्रीमाल
(जिला अध्यक्ष – जैन पत्रकार परिषद, इंदौर)
🌐 वेबसाइट: www.kpnindia.in
📢 विशेष विज्ञापन: खुशी टेक्नोलॉजी (Khushi Technologies) 📢
🦻 कम सुनना अब कोई समस्या नहीं! आधुनिक तकनीक और स्पष्ट आवाज़ के लिए आज ही अपनाएँ हमारी डिजिटल कान की मशीन।
🌐 वेबसाइट: www.hearingcareaid.in
📞 संपर्क: 9300041604









