कीव, यूक्रेन
रूस के खिलाफ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन ने सैन्य तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू करने की घोषणा की है। पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने 26 सितंबर को ‘आर्मी ऑफ रोबोट्स’ पहल की घोषणा की। इसका उद्देश्य ऐसे रोबोटिक सिस्टम विकसित करना है, जो युद्ध के मैदान में सैनिकों के लिए खतरनाक और जोखिम भरे काम कर सकें।
कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार, फेडोरोव ने इसे एक डिफेंस-टेक इकोसिस्टम बताया है। यह पहल सेना के इस्तेमाल के लिए रोबोटिक सिस्टम के विकास, परीक्षण और तैनाती को बढ़ावा देगी।
यूक्रेन पिछले कुछ समय से युद्ध में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। अब इसी दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए मानवरहित तकनीक को जमीन पर भी अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।
सैनिकों को जोखिम से बचाना मकसद
‘आर्मी ऑफ रोबोट्स’ पहल का प्रमुख उद्देश्य सैनिकों को ऐसे अभियानों से दूर रखना है, जिनमें उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल युद्ध के मैदान में टोही अभियान चलाने, गोला-बारूद पहुंचाने और घायल सैनिकों को निकालने जैसे कार्यों में किया जा सकता है।
इसके अलावा इन मशीनों का इस्तेमाल बारूदी सुरंगों से जुड़े कार्यों, सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और कुछ युद्धक अभियानों में सहायता के लिए भी किया जा सकता है।
फेडोरोव ने इस पहल के जरिए ऐसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया है, जो मानव सैनिकों की जगह उन कार्यों को संभाल सके जिनमें सबसे अधिक जोखिम होता है।
आधुनिक युद्ध में बढ़ती रोबोट की भूमिका
यूक्रेन की यह पहल बताती है कि आधुनिक युद्ध में मानवरहित प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ड्रोन के बाद अब जमीन आधारित रोबोटों को भी सैन्य अभियानों में शामिल करने की कोशिश हो रही है।
इसका उद्देश्य केवल सैन्य क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि सैनिकों की जान को खतरे से बचाना भी है। ‘आर्मी ऑफ रोबोट्स’ के जरिए यूक्रेन युद्ध के मैदान में तकनीक की भूमिका को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।










