नई दिल्ली, भारत
5G स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच 4G स्मार्टफोन बाजार में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 में 4G स्मार्टफोन की थोक बिक्री में साल-दर-साल करीब 3 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 में 4G स्मार्टफोन की बिक्री में करीब 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। अब कम कीमत वाले स्मार्टफोन खरीदने वाले उपभोक्ताओं के बीच 4G डिवाइस की मांग फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।
बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ने का अनुमान
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, कुल स्मार्टफोन बाजार में 4G डिवाइस की हिस्सेदारी 2025 में 11 प्रतिशत थी। यह हिस्सेदारी 2026 में बढ़कर करीब 13 प्रतिशत और 2027 में लगभग 15 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
इससे संकेत मिलता है कि 4G तकनीक अभी पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं हुई है। खासकर बजट और मिड-बजट सेगमेंट में इसका महत्व बना हुआ है।
कंपोनेंट महंगे होने से 5G फोन पर असर
स्मार्टफोन के महंगे कलपुर्जों और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण 4G और 5G फोन की कीमतों में अंतर बढ़ा है। इससे कम बजट वाले उपभोक्ताओं के सामने 5G फोन खरीदने की लागत बढ़ गई है।
10,000 रुपये से कम और 10,000 से 20,000 रुपये की कीमत वाली श्रेणी में ग्राहक कम कीमत पर ज्यादा फीचर्स उपलब्ध कराने वाले स्मार्टफोन की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में 4G फोन कई उपभोक्ताओं के लिए व्यावहारिक विकल्प बन रहे हैं।
बेहतर फीचर्स के साथ कम कीमत
बजट सेगमेंट में स्मार्टफोन खरीदते समय उपभोक्ता कीमत के साथ बैटरी, कैमरा, स्टोरेज और डिस्प्ले जैसे फीचर्स को भी महत्व देते हैं। यदि 5G फोन में इन फीचर्स के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़े, तो ग्राहक 4G विकल्प चुन सकते हैं।
आने वाले समय में 5G स्मार्टफोन की कीमतों और कंपोनेंट लागत का बाजार पर सीधा असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि बजट सेगमेंट में 4G स्मार्टफोन ने एक बार फिर अपनी जगह मजबूत करना शुरू कर दिया है।










