मॉस्को, रूस। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि रूस यूक्रेन से अपने कब्जे में लिए गए क्षेत्रों में सुरक्षा क्षेत्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरा करने के लिए रूसी सेना प्रतिबद्ध है और भविष्य में होने वाली शांति वार्ताओं में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जाएगी।
पुतिन ने सेना की कमांड पोस्ट के दौरे के दौरान यह बयान दिया। इस दौरान वह सैन्य वर्दी में नजर आए। उन्होंने कहा कि रूसी सुरक्षा बलों का उद्देश्य केवल अपनी जमीन से दुश्मन को बाहर निकालना नहीं है, बल्कि रूस की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करना भी है।
सुरक्षा क्षेत्र बनाने पर रूस का जोर
पुतिन ने कहा कि रूस इस संकल्प को पूरा करेगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि मॉस्को अपनी सीमा से लगे क्षेत्रों में सैन्य सुरक्षा मजबूत करने की योजना पर आगे बढ़ना चाहता है।
रूस का यह रुख यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के बीच सामने आया है। सुरक्षा क्षेत्र बनाने की योजना को लेकर पुतिन ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर भविष्य की शांति वार्ताओं या अन्य बातचीत में चर्चा नहीं होगी।
शांति वार्ता को लेकर बढ़ सकती है चुनौती
रूस की इस घोषणा से दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों को लेकर सवाल उठ सकते हैं। किसी भी शांति समझौते में क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में रूस की ओर से सुरक्षा क्षेत्र बनाने की योजना पर अडिग रहने का बयान बातचीत की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा क्षेत्र के सटीक आकार, उसकी सीमाओं और इसे स्थापित करने की समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है।
जेलेंस्की ने रूस के रुख पर उठाए सवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस की शांति संबंधी बातों को हास्यास्पद बताया है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच यह बयान सामने आया है।
पुतिन की घोषणा और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और शांति को लेकर मतभेद बने हुए हैं। रूस जहां अपनी सीमा से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा क्षेत्र बनाने की योजना पर कायम है, वहीं यूक्रेन ने रूस के शांति संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल रूस की ओर से सुरक्षा क्षेत्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। इस योजना का आगे क्या स्वरूप होगा और इसका संघर्ष पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले घटनाक्रमों से स्पष्ट होगा।










