गैंगस्टर नंदू के जीजा के हत्यारे नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ में मौत

गैंगस्टर नंदू के जीजा के हत्यारे नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ में मौत

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नई दिल्ली में तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद गैंगस्टर नफे सिंह उर्फ मंत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह घटना सोमवार को हुई, जहां शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत की संभावना जताई गई है। नफे लंबे समय से जेल नंबर 8 में बंद था।

नफे सिंह की संदिग्ध मौत

मृतक का शव हरि नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया है जहाँ डॉक्टर जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही जल्द हो सकती है। नफे सिंह दिल्ली के छावला इलाके के घुम्मनहेड़ा गांव के निवासी थे और वे गैंगस्टर कपिल उर्फ नंदू के करीबी माने जाते थे।

नफे नंदू के जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी थे। इस हत्या के बाद मुंबई गैंगस्टर मंजीत महाल और नंदू के बीच गैंग वॉर शुरू हो गया था। उस दौरान पुलिस ने नफे की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

क़ानूनी रिकॉर्ड और गिरफ्तारी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नफे के खिलाफ सबसे पहला मामला 1998 में जाफरपुर कलां थाने में दर्ज किया गया था। इसके बाद 2016 में छावला थाने में विजय उर्फ लाला और विजेंद्र उर्फ लीला की हत्या के मामलों में भी उनका नाम आया। वहीं, जाफरपुर कलां थाने में विजेंद्र की हत्या का एक अलग मामला दर्ज था।

नफे ने इस हत्या को अपने पिता की मौत का बदला माना। उसका आरोप था कि विजेंद्र ने उसके परिवार की जानकारी नंदू गैंग को दी थी। नंदू गैंग के एक हमले में नफे के पिता की मौत हो गई थी और उसकी पत्नी शर्मिला व मां कमला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

पुलिस ने नफे को पिछले साल भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था। तिहाड़ जेल के पूर्व लॉ ऑफिसर सुनील गुप्ता ने बताया कि जेल में यदि कोई अप्राकृतिक मौत होती है तो मैजिस्ट्रेट जांच कराता है। फिलहाल, जांच जारी है कि नफे की मौत स्वाभाविक है या किसी तरह की गड़बड़ी हुई है।

नफे सिंह की मौत से गैंगस्टर दुनिया में खलबली मची है। इसके साथ ही नंदू और मंजीत महाल के बीच चल रहे तनाव पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस गैंगवार की जांच में लगातार सक्रिय है और इस घटना के भी पुलिस फुटेज और सबूत की जांच कर रही है।

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने अभी घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है।

यह मामला दिल्ली की स्थानीय हमले, गैंगस्टरों की गतिरोध और जेल सुरक्षा की कमजोरी को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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KPN News
Author: KPN News

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