घर वापसी की लंबी राह: ईरान से भागे भारतीय छात्रों का अनिश्चित भविष्य

Long way home: Indian students who escaped Iran face an uncertain future

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ईरान से भारत लौटे छात्रों का भविष्य बना अनिश्चित, चुनौतियों का सामना जारी

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ती खतरनाक परिस्थिति और अंतर्निहित राजनीतिक तनाव के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों ने देश छोड़कर सुरक्षित वापसी करना मजबूर किया है। इन छात्रों की वापसी एक राहतभरी खबर थी, लेकिन अब उनके सामने भविष्य को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान में कुछ महीने पहले से स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही थी, जिससे विद्यार्थी समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हुआ। भारतीय दूतावास ने भी सावधानी बरतने की सलाह जारी की थी। इसी बीच हजारों भारतीय छात्र, जो विशेषकर मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्स कर रहे थे, ने अपनी शिक्षा अधूरी छोड़कर घर वापसी करनी पड़ी।

विद्यार्थियों के अनुसार, वापस भारत आने के बाद उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र केसेस में विश्वविद्यालयों में पुनः प्रवेश और पुराने क्रेडिट ट्रांसफर को लेकर जटिलताएं देखी जा रही हैं। इसके अलावा, वित्तीय स्थिति भी कमजोर होने लगी है क्योंकि विदेश में पढ़ाई और आय दोनों ही रुक गए।

दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य प्रमुख संस्थानों ने कुछ राहतकारी कदम उठाने शुरू किए हैं, जिनमें विशेष प्रवेश योजनाएं और वित्तीय सहायता शामिल हैं। यह कदम छात्रों के लिए सहारा साबित हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर भी योजना बनानी होगी ताकि इस तरह के संकट के समय भारतीय छात्र सुरक्षित और समर्थ बन सकें।

भारत सरकार ने भी हाल ही में विदेश में फंसे भारतीयों के लिए विशेष राहत उपायों की घोषणा की है। लेकिन छात्रों का मानना है कि कोरोना महामारी जैसा प्रभावशाली संकटकाल के बाद भी इस प्रकार की तैयारी और भी बेहतर होनी चाहिए। शिक्षा मंत्रालय ने डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की योजना पर काम तेज कर दिया है ताकि इस तरह के भविष्य के व्यवधानों से निपटा जा सके।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से सरकार से मांग की है कि वे जल्द से जल्द एक सुव्यवस्थित सहायता तंत्र विकसित करें। इसके तहत न केवल शैक्षिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भी पेशकश होनी चाहिए ताकि छात्र बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपने करियर की दिशा निर्धारित कर सकें।

अंततः, ईरान से सुरक्षित वापसी तो पहली प्राथमिकता थी, लेकिन अब जो बड़ी चुनौती सामने है, वह है इन छात्रों के सपनों और उम्मीदों को नई दिशा देना। समय ही बताएगा कि किस प्रकार ये छात्र इस अनिश्चितता को पार कर भविष्य में सफल होंगे।
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Author: KPN News

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