कक्षा में गेमिफिकेशन: जब खेल पाठ से आगे निकल जाता है

Gamification in classroom: How the game overshadows the lesson

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कक्षा में गेमिफिकेशन: जब खेल पाठ से आगे निकल जाता है

स्थान: दिल्ली – (रिपोर्टर)

खबर का सार

आज के आधुनिक शिक्षण वातावरण में गेमिफिकेशन का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन शिक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कक्षा में खेलों का अत्यधिक प्रभाव कभी-कभी मूल पाठ्यक्रम से ज़्यादा ध्यान आकर्षित कर लेता है, जिससे विद्यार्थी पाठ की बजाय खेल में खो जाते हैं। यह स्थिति विशेष रूप से तब देखने को मिली जब कई स्कूलों ने तकनीकी सहायता से पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए विभिन्न शैक्षिक गेम्स को अपनाया।

घटना का विस्तार

पिछले कुछ वर्षों में, कई शिक्षण संस्थान कक्षा में खेल जैसे तत्वों को जोड़कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, हाल में आयोजित एक सर्वे में पता चला कि छात्रों का ध्यान मुख्य विषय से हटकर गेमिंग के स्वरूपों में अधिक आकर्षित हो रहा है। इस स्थिति में, कई शिक्षक चिंतित हैं कि खेल का आनंद लेने की इच्छा सीखने की प्रक्रिया को गति देने के बजाय विचलित कर रही है। कुछ उदाहरणों में, छात्र पाठ्य सामग्री को समझने के बजाय गेम स्कोर सुधारने में अधिक समय बिताते पाए गए।

सम्बंधित बयान/प्रतिक्रिया

शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. रीना शर्मा ने बताया, “गेमिफिकेशन से पढ़ाई में रुचि तो बढ़ती है, लेकिन केवल तब जब खेल सही दिशा में और नियंत्रित रूप से इस्तेमाल हों। यदि खेल की प्रक्रिया शिक्षा से अधिक महत्वपूर्ण हो जाए, तो वह छात्रों के लिए बाधा बन सकती है।” वहीं एक स्कूल शिक्षक ने कहा, “हमने अपने स्कूल में कई गेम आधारित लर्निंग एप्लिकेशन लागू किए हैं। कुछ छात्रों में सुधार तो दिखा, लेकिन कुछ ने भी खेल में इतना मन लगाना शुरू कर दिया कि पढ़ाई पर ध्यान देना मुश्किल हो गया।”

अतिरिक्त जानकारी और प्रभाव

खेल आधारित शिक्षा को संतुलित तरीके से लागू करना आवश्यक है ताकि छात्र इसकी मदद से बेहतर सीख सकें, न कि केवल गेमिंग के मोह में फंसे रहें। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि शिक्षकों को स्पष्ट दिशानिर्देश और सीमाएं निर्धारित करनी चाहिए ताकि खेल का उद्देश्य केवल शिक्षा में सहायक बने। इसके अलावा, माता-पिता और शिक्षकों के बीच सहयोग से छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखना भी जरूरी है। खेल आधारित शिक्षण की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी समझदारी से संतुलित किया जाए। कुल मिलाकर, गेमिफिकेशन शिक्षा के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसकी क्षमता तभी पूरी तरह से प्रभावी सिद्ध होगी जब यह खेल से ज्यादा पाठ को प्राथमिकता दे।

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KPN News
Author: KPN News

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