कैसे जाति, इतिहास और विज्ञान बनाते हैं पारंपरिक बंगाली मिठाईयों को

How caste, history and science shape traditional Bengali sweets

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बंगाल की पारंपरिक मिठाइयों के पीछे के सामाजिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक पहलू: ईशिता दे की नई पुस्तक ‘स्वीट एक्सेस’

कोलकाता – (रिपोर्टर)

मिठास की कहानी का सार

बंगाल, जो अपनी सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है, मिठाईयों के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। ईशिता दे की पुस्तक ‘स्वीट एक्सेस: क्राफटिंग मिठी इन बंगाल’ इस क्षेत्र में मिठाई के प्रेम को एक नए नजरिए से प्रस्तुत करती है। पुस्तक में बताया गया है कि भले ही बंगाल इतिहास में अकाल और भूख से जूझता रहा हो, फिर भी वहाँ की मिठाईयों के प्रति प्रेम ने कभी कमज़ोरी नहीं दिखाई। यह प्रेम केवल स्वाद तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और वैज्ञानिक कारणों से भी गहराई रखता है।

इतिहास और सांस्कृतिक पहलू का विस्तार

ईशिता दे ने अपनी पुस्तक में कैसे जातिगत संरचनाएं, इतिहास और वातावरण बंगाली मिठाईयों के विकास को प्रभावित करते हैं, इस पर ध्यान केंद्रित किया है। खासतौर पर बंगाल के विभाजन, अकाल और आर्थिक चुनौतियों के दौर में, मिठाई ने लोगों के सांस्कृतिक जीवन में सांत्वना और एकता का प्रतीक की भूमिका निभाई है। किताब में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार पारंपरिक विधियों के साथ नई विज्ञान और तकनीकों ने इन्हें आगे बढ़ाया है, जिससे मिठाई की गुणवत्ता और लोकप्रियता दोनों में वृद्धि हुई।

लेखिका के विचार और प्रतिक्रिया

ईशिता दे ने हमें बताया, “मिठाई सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजन नहीं हैं, बल्कि वे बंगाली पहचान का हिस्सा हैं। इन मिठाइयों के निर्माण में लगी मेहनत, विज्ञान और स्थानीय परंपराएं इसे खास बनाती हैं।” वह वर्तमान में बेंगलुरु के चंपका बुकस्टोर में अपने इस विषय पर एक वार्ता देने जा रही हैं, जहां वह मिठाईयों के पीछे छिपी सांस्कृतिक कहानियों को साझा करेंगी। यह पहल मिठाई से जुड़ी सांस्कृतिक समझ को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

अतिरिक्त जानकारी और प्रभाव

बंगाली मिठाईयों की चर्चा करते समय, यह समझना जरूरी है कि ये केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल, पारिवारिक संबंध और धार्मिक अनुष्ठानों का भी अभिन्न हिस्सा हैं। ईशिता की पुस्तक ने इस विषय में शोध और विवेचना से यह दिखाया है कि कैसे ये मिठाइयां इतिहास, विज्ञान और जातीय संरचनाओं के साथ जुड़ी हैं। मिठाई के प्रेम को समझना बंगाल की संस्कृति और इतिहास की गहराई को जानना है। यह पुस्तक न केवल खाने के शौकीनों के लिए बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक अध्ययन करने वालों के लिए भी निर्देशांक साबित होगी।

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Author: KPN News

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