पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की, जानिए रूट, किराया, गति और हरित तकनीक की कहानी

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, जानिए रूट, किराया, रफ्तार और इस ग्रीन टेक्नोलॉजी की पूरी कहानी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की

जींद। (रिपोर्टर)

खबर का सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया। यह पहल भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा करती है जहां पर्यावरण अनुकूल हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन सेवा शुरू की गई है। जींद और सोनीपत के बीच 89 किमी लंबा यह रेलखंड ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में भारतीय रेलवे के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

घटना का विस्तार

यह ट्रेन 10 कोच की है जिसमें दो ड्राइविंग पावर कार और आठ यात्री कोच शामिल हैं। इसे दुनिया की सबसे लंबी ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेनों में गिना जा रहा है। रेलवे विभाग का दावा है कि इस तकनीक से कार्बन प्रदूषण में भारी कमी आएगी क्योंकि हाइड्रोजन फ्यूल सेल से संचालित इस ट्रेन के इंजन से केवल जलवाष्प निकलती है, कोई हानिकारक गैसें नहीं।

प्रमुख बयान और प्रतिक्रियाएं

रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन डीजल और पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेन की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल है क्योंकि इसके संचालन में कोयला आधारित बिजली की आवश्यकता नहीं होती। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा, “यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने एवं देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में बड़ा प्रयास है।”

अतिरिक्त जानकारी और प्रभाव

जींद से सोनीपत के बीच इस रूट को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है क्योंकि यहां पहले से ही हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग स्टेशन विकसित किया गया है। शुरुआती दौर में ट्रेन की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जिसे भविष्य में 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाया जाएगा। किराया न्यूनतम 5 रुपये से लेकर अधिकतम 25 रुपये रखा गया है, ताकि यह आम जनता के लिए सस्ता और सुलभ हो। सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक निगरानी और लीक डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं और संचालन के दौरान विशेषज्ञ टीम ट्रेन के साथ रहेगी।

इस परियोजना के लिए रेलवे ने 2800 करोड़ रुपये का निवेश किया है और आने वाले वर्षों में इस तकनीक को देश के अन्य हिस्सों जैसे हेरिटेज और पर्वतीय रेल मार्गों पर भी लागू करने की योजना है। विश्व स्तर पर जर्मनी, जापान, चीन जैसे देशों में पहले ही हाइड्रोजन ट्रेन का सफल परिचालन हो चुका है, और भारत भी इस तकनीक के क्षेत्र में नई नींव रख चुका है।

​🚩 सादर जय जिनेंद्र 🚩
​📢 खबर पर नजर (Khabar Par Nazar) न्यूज़ नेटवर्क 📰
🚀 अब आपकी हर खबर पहुंचेगी लाखों लोगों तक!
​🗞️ दैनिक पेपर: दैनिक अभियान आज तक (6 राज्यों में प्रसारित)
🗞️ साप्ताहिक पेपर: जन स्वामी
​🎤 संवाददाता: खुशी श्रीमाल
🛡️ मार्गदर्शक: शैलेंद्र श्रीमाल
(जिला अध्यक्ष – जैन पत्रकार परिषद, इंदौर)
​🌐 वेबसाइट: www.kpnindia.in
​📢 विशेष विज्ञापन: खुशी टेक्नोलॉजी (Khushi Technologies) 📢
🦻 कम सुनना अब कोई समस्या नहीं! आधुनिक तकनीक और स्पष्ट आवाज़ के लिए आज ही अपनाएँ हमारी डिजिटल कान की मशीन।
​🌐 वेबसाइट: www.hearingcareaid.in
📞 संपर्क: 9300041604

Source

KPN News
Author: KPN News

और पढ़ें