Day: June 6, 2026

IIT-Roorkee clarifies admission process for students below eligibility marks

{“title_results”:[“आईआईटी रुड़की ने स्पष्ट किया निम्न योग्यता अंक वाले छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया”],”content_results”:[“आईआईटी रुड़की ने निम्न योग्यता अंक वाले छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया स्पष्ट कीरुड़की – (रिपोर्टर)खबर का सारभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT रुड़की) ने स्पष्ट किया है कि जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा के माध्यम से प्रवेश ले रहे छात्रों के लिए निर्धारित वर्तमान योग्यता मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। मौजूदा नियमों के अनुसार, कक्षा 12 या समकक्ष परीक्षा में कम से कम 75% अंक प्राप्त करना जरूरी है। यह घोषणा उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो इस मानदंड से नीचे अंक प्राप्त करके प्रवेश की उम्मीद कर रहे थे।घटना का विस्तारआईआईटी रुड़की ने हाल ही में जारी बयान में कहा कि जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा में सफल होने वाला छात्र तभी संस्थान में दाखिला ले सकता है जब उसके कक्षा 12 के निष्कर्षांक न्यूनतम 75% या समकक्ष हों। यह नियम भारत सरकार और परीक्षा नियामक निकाय द्वारा निर्धारित किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग के लिए भी इस योग्यता मानदंड में कुछ छूट नहीं दी जाएगी। कई छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति के कारण IIT रुड़की ने इस स्पष्ट निर्देश को जारी किया है।संबंधित बयान/प्रतिक्रियाआईआईटी रुड़की के प्रवक्ता ने बताया कि “हम उम्मीद करते हैं कि इस संशोधित प्रवेश प्रक्रिया से संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। योग्यता मानदंडों में कोई छूट नहीं है और सभी छात्रों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों के अंक 75% से कम हैं, उन्हें अन्य विकल्प तलाशने की सलाह दी जाती है। इस घोषणा के बाद अभ्यर्थी और उनके अभिभावक भी नियमों के प्रति अधिक सतर्क हो गए हैं।अतिरिक्त जानकारी या प्रभावयह स्पष्ट किया गया है कि 75% अंक प्राप्त करना योग्य उम्मीदवारों के लिए प्रवेश की अनिवार्यता है और इसके बिना प्रवेश प्रक्रिया अप्रभावी होगी। इससे उन छात्रों की संख्या में कमी आएगी जो प्रवेश पाने के लिए योग्य हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इस नियम का पालन केवल IIT रुड़की ही नहीं, बल्कि सभी IIT संस्थानों में अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज और अंकों को समय पर सत्यापित कराएं ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, कक्षाओं और शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए संस्थान समय-समय पर नियमों की समीक्षा करता रहेगा।”]}