सिंहस्थ-2028: किसानों की जीत, लैंड पूलिंग एक्ट पूरी तरह निरस्त; 8300 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खबर पर नजर

सिंहस्थ-2028: किसानों की जीत, लैंड पूलिंग एक्ट पूरी तरह निरस्त; 8300 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

भोपाल/उज्जैन।

राज्य सरकार ने सिंहस्थ-2028 को लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए ‘लैंड पूलिंग एक्ट’ को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। किसानों के भारी विरोध और भारतीय किसान संघ की आपत्तियों के बाद सरकार ने यह कदम पीछे खींचा है। मंगलवार देर रात नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब सिंहस्थ का आयोजन ‘पुरानी व्यवस्था’ के तहत ही होगा।

क्या है बदला हुआ फैसला?

सरकार के इस निर्णय के बाद अब सिंहस्थ के लिए किसानों की जमीन स्थायी रूप से नहीं ली जाएगी। पुरानी व्यवस्था के अनुसार, प्रशासन केवल मेला अवधि के लिए (2-3 माह) जमीन का अस्थायी अधिग्रहण करेगा और आयोजन समाप्त होते ही जमीन किसानों को वापस लौटा दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि उज्जैन के 17 गांवों के किसान और संघ लगातार इस एक्ट का विरोध कर रहे थे। 19 नवंबर को किए गए आंशिक संशोधनों से भी किसान संतुष्ट नहीं थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से यह अंतिम फैसला लिया गया।

विकास की रफ्तार: 8300 करोड़ की सौगात

एक्ट निरस्त होने के साथ ही सरकार ने सिंहस्थ की तैयारियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए 8300 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:

* जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड रोड: (लंबाई 98.79 कि.मी.) – लागत ₹5017 करोड़।

* इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड रोड: (लंबाई 48.10 कि.मी.) – लागत ₹2935.15 करोड़।

* हरिफाटक फोरलेन ओवरब्रिज: (लंबाई 980 मीटर) – लागत ₹371.11 करोड़।

KPN News
Author: KPN News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें