खबर पर नजर: विशेष खबर
इंदौर हेल्थ अलर्ट: सर्दी में ‘जहर’ बन रही हवा, धूल और धुएं से बिगड़ी शहर की सेहत; ठीक होने में लग रहे 20 दिन
इंदौर। शहर में कड़ाके की ठंड के बीच प्रदूषण ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। ‘खबर पर नजर’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सर्दी में धूल और धुएं (Smog) का मिश्रण जानलेवा साबित हो रहा है। शहर के अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या में 20% तक की भारी बढ़ोतरी हुई है।
सावधान! यह सामान्य वायरल नहीं है
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह सामान्य वायरल बुखार नहीं है जो 3-4 दिन में ठीक हो जाए। हवा में घुल रहे प्रदूषण के बारीक कणों (PM 2.5) के कारण गले और सीने में गंभीर संक्रमण हो रहा है, जिसे ठीक होने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है।
बीमारी का यह है पैटर्न:
* शुरुआत (1-3 दिन): गले में जलन और खराश।
* मध्य (4-6 दिन): तेज खांसी और बलगम।
* गंभीर (7-14 दिन): सीने में जकड़न (Congestion) और सांस लेने में तकलीफ।
* रिकवरी (15+ दिन): अत्यधिक थकान और सांस फूलना।
क्यों बिगड़े इंदौर के हालात?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीआरटीएस (BRTS) पर चल रहे रैलिंग उखाड़ने के काम और शहर में हो रहे निर्माण कार्यों से धूल का गुबार छाया हुआ है। ठंड के कारण यह धूल और धुआं ऊपर नहीं जा पा रहा और निचली सतह पर ही जमा होकर लोगों को बीमार कर रहा है। शहर का एक्यूआई (AQI) 250-260 के खतरनाक स्तर पर बना हुआ है।
‘खबर पर नजर’ की आपसे अपील (डॉक्टरों की सलाह):
* मास्क जरूर पहनें: घर से बाहर निकलते समय, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए मास्क अनिवार्य है।
* मॉर्निंग वॉक टालें: जब तक धूप न निकले, सुबह की सैर पर न जाएं। सुबह प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है।
* बुजुर्गों और बच्चों का ख्याल रखें: इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन्हें ठंडी हवा और धूल से बचाएं।
* खिड़कियां बंद रखें: शाम के समय घर की खिड़कियां बंद रखें ताकि धुआं अंदर न आए।
स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।
– टीम खबर पर नजर










