खबर पर नजर: विशेष रिपोर्ट
इंदौर में ‘प्री-मैरिज ब्रेकअप’ का ग्रहण: 40 दिन में मंडप से पहले टूटीं 150 शादियां; दहेज नहीं, अब ‘सोशल मीडिया’ बना विलेन
इंदौर (खबर पर नजर ब्यूरो)।
रिश्तों की डोर अब छोटी-छोटी बातों पर चटकने लगी है। इंदौर में चल रहे शादी के सीजन के बीच एक चौंकाने वाला ट्रेंड ‘प्री-मैरिज ब्रेकअप’ सामने आया है। शहर में पिछले 40 दिनों (1 नवंबर से 8 दिसंबर) के भीतर 150 से ज्यादा शादियां ऐनवक्त पर टूट गईं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर रिश्तों के टूटने की वजह कोई दहेज या खानदानी रंजिश नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की पुरानी पोस्ट और ‘डिजिटल हिस्ट्री’ रही है।
सोशल मीडिया पर जासूसी पड़ रही भारी
दैनिक भास्कर की एक पड़ताल के मुताबिक, इस सीजन में शहर में करीब 3000 शादियां हुईं, जिनमें से 150 से अधिक शादियां अंतिम समय में रद्द हो गईं। एक्सपर्ट्स के आंकड़ों के अनुसार, 62% मामलों में लड़का या लड़की ने एक-दूसरे के सोशल मीडिया अकाउंट्स (इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट) की पुरानी पोस्ट, कमेंट्स या फ्रेंड लिस्ट को आधार बनाकर रिश्ता तोड़ दिया।
ये मामले बने चर्चा का विषय:
प्री-वेडिंग शूट पर खटास: इंदौर की लड़की और गुजरात के लड़के का रिश्ता सिर्फ इसलिए टूट गया क्योंकि प्री-वेडिंग शूट के दौरान लड़के ने लड़की की कोई पुरानी पोस्ट देख ली। विवाद इतना बढ़ा कि लड़का बारात लाने से पहले ही वापस लौट गया।
संगीत के बाद दुल्हन गायब: बायपास स्थित एक बड़े होटल में करोड़ों की सजावट के बीच संगीत का कार्यक्रम हुआ, लेकिन रात में दुल्हन गायब हो गई। बाद में पता चला कि उसका किसी और से अफेयर था।
वेडिंग इंडस्ट्री को 25 करोड़ का झटका
ऐनवक्त पर शादियां कैंसिल होने से वेडिंग प्लानर, होटल, गार्डन संचालकों और कैटरर्स को भारी नुकसान हुआ है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी का कहना है कि इंडस्ट्री को करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। चूंकि ज्यादातर डील जुबानी होती हैं, इसलिए वेंडर्स को रिफंड और बुकिंग रद्द होने की दोहरी मार झेलनी पड़ी। केसर बाग के एक ही गार्डन में एक महीने में 3 इवेंट कैंसिल हुए।
दहेज से ज्यादा खतरनाक ‘डिजिटल अतीत’
सेवानिवृत्त जिला जज और मैरिज काउंसलर सुबोध जैन का कहना है, “पिछले 5 सालों में प्री-मैरिज ब्रेकअप की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पहले दहेज और आर्थिक कारणों से रिश्ते टूटते थे, लेकिन अब 60 से 70 फीसदी मामलों में सोशल मीडिया ही वजह बन रहा है। युवा एक-दूसरे की हिस्ट्री खंगालते हैं, जिससे शक पैदा होता है और रिश्ता टूट जाता है।”
आंकड़ों की जुबानी: क्यों टूटे 150 रिश्ते?
62%: सोशल मीडिया (पुरानी पोस्ट, चैट, फ्रेंड लिस्ट)
17%: परिवार में गमी या हादसा
13%: आपसी पारिवारिक विवाद
08%: अन्य कारण
रिपोर्ट: शैलेंद्र श्रीमाल (पत्रकार), खबर पर नजर










