खबर पर नजर’ विशेष: भारतीय राजनीति के ‘अजातशत्रु’ – अटल बिहारी वाजपेयी
दिनांक: 25 दिसंबर, 2025
विषय: अटल बिहारी वाजपेयी जयंती (सुशासन दिवस)
भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो समय की सीमाओं से परे होते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसा ही नाम है। आज 25 दिसंबर को पूरा देश उस महान विभूति को नमन कर रहा है, जिन्होंने न केवल भारतीय राजनीति को नई दिशा दी, बल्कि विश्व पटल पर भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा किया।
’खबर पर नजर’ (Khabar Par Nazar) आज उनके जन्मदिन पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर रहा है।
1. एक कवि, एक राजनेता और एक ‘अजातशत्रु’
अटल जी को भारतीय राजनीति का ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है, यानी वो व्यक्ति जिसका कोई शत्रु न हो। वे विपक्ष में रहे या सत्ता में, उनका सम्मान हर किसी ने किया। उनकी वाकपटुता (Oratory) ऐसी थी कि जब वे संसद में बोलते थे, तो पक्ष और विपक्ष, दोनों उन्हें मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे। उनकी भाषण शैली, उनके विराम (pauses) और शब्दों का चयन आज भी एक मिसाल है।
2. पोखरण और कारगिल: साहस की नई परिभाषा
अटल जी का नेतृत्व कोमल हृदय के साथ-साथ फौलादी इरादों वाला भी था।
- पोखरण परमाणु परीक्षण (1998): तमाम अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद उन्होंने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को बता दिया कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
- कारगिल विजय: पाकिस्तान द्वारा धोखे से थोपे गए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने उनके नेतृत्व में विजय पताका फहराई। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया था— “हम शांति चाहते हैं, लेकिन हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।”
3. विकास के पथ-प्रदर्शक
आज अगर हम भारत में सड़कों का जाल देखते हैं, तो इसका श्रेय अटल जी की दूरदर्शी सोच को जाता है।
- स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: देश के चार महानगरों को जोड़ने वाली इस योजना ने भारत की अर्थव्यवस्था को गति दी।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की यह पहल भारत के ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित हुई।
4. काल के कपाल पर लिखने वाला कवि
एक राजनेता के भीतर एक संवेदनशील कवि का बसना दुर्लभ है। उनकी कविताएं आज भी हताश मन में नई ऊर्जा भर देती हैं। उनकी ये पंक्तियां हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत हैं:
“हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं,
गीत नया गाता हूं, गीत नया गाता हूं।”
निष्कर्ष
अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। आज ‘सुशासन दिवस’ (Good Governance Day) के अवसर पर हमें उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
‘खबर पर नजर’ परिवार की ओर से भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को शत-शत नमन।










