बड़ी खबर: सम्मेद शिखरजी की पवित्रता रहेगी बरकरार, केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला
नई दिल्ली/झारखंड:
जैन समाज के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल ‘श्री सम्मेद शिखरजी’ (पारसनाथ पर्वत) की पवित्रता को लेकर चल रहे आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने जैन समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक अहम फैसला लिया है, जिससे देश भर के जैन समाज में खुशी की लहर है।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को दिए कड़े निर्देश
केंद्र सरकार ने झारखंड राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सम्मेद शिखरजी क्षेत्र में सभी प्रकार की ‘ईको-टूरिज्म’ और पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। सरकार ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि यह स्थल केवल एक धार्मिक तीर्थ बना रहे, न कि पिकनिक स्पॉट।
इन गतिविधियों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध:
केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पवित्र पर्वत क्षेत्र में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी:
* 🚫 मांस और मदिरा: क्षेत्र में शराब, मांस और नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध।
* 🚫 ट्रैकिंग और कैंपिंग: धार्मिक यात्रा के अलावा मनोरंजन के लिए की जाने वाली ट्रैकिंग और कैंपिंग पर रोक।
* 🚫 तेज संगीत: डीजे या लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी, ताकि शांति भंग न हो।
* 🚫 गंदगी फैलाना: तीर्थ क्षेत्र की स्वच्छता और पवित्रता के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई।
जैन समाज की जीत
यह फैसला जैन समाज के उस संघर्ष की जीत है, जो पिछले कुछ समय से सम्मेद शिखरजी की पवित्रता को बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहा था। अब यह सुनिश्चित हो गया है कि ‘तीर्थराज’ की गरिमा बनी रहेगी।
रिपोर्ट:
शैलेंद्र श्रीमाल
पत्रकार
स्टेट प्रेस क्लब सदस्य, म.प्र.
जिला अध्यक्ष, जैन पत्रकार परिषद, इंदौर
वेबसाइट: www.kpnindia.in
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