ग्राम पर्दा में आदिनाथ भगवान का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न: भक्ति और उत्साह के साथ हुई प्रतिमाओं की स्थापना

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ग्राम पर्दा में आदिनाथ भगवान का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न: भक्ति और उत्साह के साथ हुई प्रतिमाओं की स्थापना

पर्दा। ग्राम पर्दा में आदिनाथ भगवान के भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत तृतीय दिवस पर बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया गया और भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। महोत्सव के दौरान आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान और नाकोड़ा भैरव जी की प्रतिमाओं की स्थापना विधि-विधान से की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवारों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

प्रतिष्ठा महोत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से आए लाभार्थी परिवारों ने भी पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक ‘द्वार उद्घाटन’ का लाभ दिल्ली के ओमप्रकाश जी श्रीमाल परिवार के द्वारा लिया गया। इसके साथ ही श्रीमाल परिवार के सदस्यों द्वारा कमली उड़ाने का सौभाग्य आदमपुर मंडी के नरेंद्र जी आशा जैन परिवार को प्राप्त हुआ। महोत्सव के दौरान जीव दया और मंदिर प्रतिष्ठा के अवसर पर साधारण देव द्रव्य की भी बोलियां ली गईं, जिसमें सभी परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

धार्मिक अनुष्ठानों की इस कड़ी में आरती का लाभ जवाहर श्रीमाल और अरहम श्रीमाल को मिला, वहीं शाम की भक्ति का लाभ मंदसौर निवासी श्रीमान अशोक कुमार जी, विजय कुमार जी, अजय, अक्षय और आकाश खटोड़ परिवार के द्वारा लिया गया। इस पांच दिवसीय भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव में संपूर्ण ग्राम वासियों ने एकजुट होकर अपनी सेवाएं दीं। महोत्सव की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्रीय विधायक भी अपनी मंडली के साथ समारोह में पहुंचे और महाराज श्री का आशीर्वाद लिया।

इस पूरे आयोजन के दौरान लगभग 5000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने धार्मिक वात्सल्य (भोज) का लाभ लिया। ग्राम पर्दा के सरपंच सुभाष श्रीमाल ने बताया कि इस भव्य मंदिर की प्रतिष्ठा का भाव उनके मन में काफी समय से था और उन्होंने इसे जल्द से जल्द पूर्ण करने का संकल्प लिया था। पूरे मंदिर को बेहतरीन मार्बल से सजाया गया है। जब मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया गया, तब ड्रोन के द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

सरपंच सुभाष श्रीमाल ने बाहर से आए सभी यात्रियों का आत्मीय स्वागत सत्कार किया। महोत्सव के अंतिम दिन सुबह 6:00 बजे द्वार उद्घाटन के लिए सभी आचार्यों और दिल्ली के ओमप्रकाश श्रीमाल परिवार ने घर से प्रस्थान किया। इसके पश्चात 70 भेदी पूजन का आयोजन हुआ। अंत में आचार्य श्री ने मांगलिक सुनाकर पर्दा ग्राम से विहार किया, जिससे ग्रामवासी भावुक हो उठे।

 

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Author: KPN News

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