श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर | 27 अप्रैल 2024
श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के ज़ोज़िला दर्रे के ज़ीरो पॉइंट के पास एक भयानक हिमस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई। यह घटना दोपहर के समय हुई जब कई यात्री वाहन भारी बर्फ से ढके इस खतरनाक मार्ग से गुजर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आए इस हिमस्खलन ने सड़क पर जमे वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई यात्री फंस गए।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तात्कालिक रूप से बचाव कार्य शुरू किया। बचाव दल और स्थानीय पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर फंसे हुए यात्रियों को निकाला। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस दुर्घटना की वजह से राजमार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है और यातायात प्रभावित हुआ है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि भारी बारिश और लगातार बर्फबारी के कारण ज़ोज़िला पास पर बर्फ जमा हो गई थी, जो हिमस्खलन का मुख्य कारण बनी। मौसम विभाग ने क्षेत्र में और भी हिमस्खलन की संभावना को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
राजमार्ग बंद होने की वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच यातायात ठप हो गया है, जिससे आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से इस मार्ग के पास न जाने और आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने का आग्रह किया है।
यह घटना उस समय घटी जब इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं और यह क्षेत्र पर्यटकों व यात्रियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजाम और निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल को सख्त करने का निर्देश दिया है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्राएं करें और आवश्यक सुरक्षा उपकरण साथ रखें।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर इस मार्ग की जोखिम भरे मौसम और भौगोलिक विशेषताओं की याद दिलाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर तकनीकी संसाधनों और सक्रिय निगरानी के माध्यम से इन खतरों को कम किया जा सकता है।
अधिक जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा आगे की अपडेट दी जाएगी। फिलहाल प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद है और राहत एवं बचाव कार्य जमीनी स्तर पर जारी है।










