NFHS-6 भारत में पीरियड उत्पादों के उपयोग पर क्या जानकारी देता है

What does NFHS-6 reveal about the use of period products in India?

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NFHS-6 भारत में पीरियड उत्पादों के उपयोग पर क्या जानकारी देता है?

स्थान: नई दिल्ली – (रिपोर्टर)

खबर का सार

भारत में मासिक धर्म उत्पादों के उपयोग पर अद्यतन जानकारी प्रदान करने वाला नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण NFHS-6 के निष्कर्षों में देश के गरीब राज्यों और ग्रामीण इलाकों में सुधार की स्पष्ट तस्वीर उभर कर सामने आई है। जबकि कुछ पहले से सफल राज्यों की प्रगति में गिरावट देखी गई है और ग्रामीण क्षेत्रों में योजना बंद होने की समस्या जारी है, खासकर धनाढ्य राज्यों में।

घटना का विस्तार

NFHS-6 सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि गरीब और पिछड़े राज्यों में पहले की तुलना में मासिक धर्म के दौरान पैड्स या अन्य सुरक्षित उत्पादों के उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता अभियानों का प्रभाव अब आसानी से पहुंची नहीं हुई आबादी तक भी पहुंच रहा है। हालांकि, उन्नत आंकड़ों में पता चला कि राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे कुछ बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में उपयोग के स्तर में कमी आई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर, खासतौर पर आर्थिक रूप से समृद्ध राज्यों में, अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संबंधित बयान / प्रतिक्रिया

सामाजिक कल्याण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “यह रिपोर्ट हमारे प्रयासों की सराहना के साथ-साथ सुधार के लिए स्पष्ट संकेत भी देती है। सामाजिक जागरूकता और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों और पिछड़े राज्यों के लिए और अधिक संसाधन समर्पित किए जाएंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव को बनाये रखने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार आवश्यक है।

अतिरिक्त जानकारी या प्रभाव

सर्वेक्षण से पता चलता है कि मासिक धर्म से जुड़ी कलंक और भ्रांतियों को दूर करने के लिए समय की आवश्यकताएं बढ़ी हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में। NFHS-6 के आंकड़ों के अनुसार, पैड्स के उपयोग में बढ़ोतरी से स्वास्थ्य में सुधार होगा और कई महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर होगा। इसके साथ ही यह सुधार सामाजिक और आर्थिक उन्नति का भी सुचक माना जा रहा है। सरकार और एनजीओ स्तर पर इस दिशा में नए कार्यक्रम और नीतियां बन रही हैं, जो आने वाले वर्षों में मासिक धर्म सामग्री तक पहुँच को और अधिक सुलभ और किफायती बनाने में मदद करेंगी।

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KPN News
Author: KPN News

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