नई दिल्ली: न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई तीनों फॉर्मेट की भारतीय टीमों में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी की मौजूदगी दर्शाती है कि टीम मैनेजमेंट उन पर गहरा भरोसा करता है। 25 वर्षीय रेड्डी को अक्सर चोटों से जूझने वाले हार्दिक पंड्या के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने टीम के भरोसे को अपने प्रदर्शन से सही साबित किया है।
क्राइस्टचर्च में गेंदबाजी और बल्लेबाजी से प्रभावित किया
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में नीतीश ने चार ओवर गेंदबाजी की और महज 10 रन देकर अच्छा प्रदर्शन किया। उन्हें 19वां ओवर फेंकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। दूसरे मैच में उन्होंने 14 रन देकर एक विकेट भी लिया। बल्लेबाजी में जब टीम दबाव में थी, तब उन्होंने तिलक वर्मा के साथ 30 गेंदों में नाबाद 69 रन की साझेदारी से टीम को जीत दिलाई।
तेज गेंदबाजी में सुधार के बाद उन्हें अब शिवम दुबे से भी ऊपर टीम में जगह मिली है। इस प्रदर्शन ने टीम थिंक-टैंक का ध्यान आकर्षित किया है, खासकर टी20 प्रारूप में उनके महत्व को लेकर।
मोर्ने मोर्केल की तारीफ और रफ्तार में इजाफा
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने नीतीश की गेंदबाजी को काफी सराहा है। मोर्केल का कहना है कि नीतीश के पास एक खास गेंद है जो बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। आईपीएल 2026 से पहले इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और कोच स्टेफन जोन्स के साथ काम करने के बाद उनकी गति में खासा सुधार हुआ है। अब उनकी गेंदबाजी की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है।
साल 2024 में ऑस्ट्रेलिया के एमसीजी टेस्ट में पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे दिग्गजों के खिलाफ शतक बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता का सजीव प्रमाण है। यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए खासा प्रेरणादायक माना जाता है।
लेकिन फिटनेस ही उनकी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। चोटों की वजह से वे कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए। खासतौर पर हॉर्निया की चोट और घुटने की समस्या ने उनका समय मैदान से दूर रखा। टीम मैनेजमेंट अब उनकी फिटनेस और वर्कलोड प्रबंधन पर ध्यान दे रहा है ताकि वे आने वाले मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।
टیم इंडिया के लिए यह आवश्यक है कि वे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में विश्वसनीय विकल्प पाने के लिए नीतीश का सही उपयोग करें। अगर उनका फिटनेस स्तर बना रहा और प्रदर्शन जारी रहा, तो वे हार्दिक पंड्या के विकल्प के रूप में पूरी तरह तैयार हो सकते हैं।
उनकी यह बढ़ती हुई रफ्तार और परिस्थितियों के हिसाब से मैच विनिंग योगदान टीम के लिए बड़ी ताकत होगी। टीम मैनेजमेंट के लिए यह एक उम्मीद की किरण है कि नीतीश भविष्य में तीनों फॉर्मेट में टीम के भरोसेमंद ऑलराउंडर बनेंगे।
कुल मिलाकर, नीतीश रेड्डी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि वे टीम इंडिया के लिए हार्दिक पंड्या के बाद एक नए कारगर ऑलराउंडर बन सकते हैं। आगे का सफर उनके फिटनेस और प्रदर्शन दोनों पर निर्भर करता है।









