हैदराबाद, तेलंगाना। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार को खेला जाएगा। मैच से पहले भारतीय उप-कप्तान तिलक वर्मा ने वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी को भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि कैरेबियाई बल्लेबाजों को रोकने के लिए केवल रन बचाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नियमित अंतराल पर विकेट लेना भी जरूरी है।
भारतीय टीम फिलहाल सीरीज में 2-1 से आगे है। चौथे मुकाबले में जीत हासिल करके भारत सीरीज में अजेय बढ़त बना सकता है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम जीत के साथ सीरीज को 2-2 से बराबर करने की कोशिश करेगी।
वेस्टइंडीज के निचले क्रम से भी खतरा
तिलक वर्मा ने कहा कि वेस्टइंडीज टी20 क्रिकेट में मजबूत टीम है। उसके खिलाड़ी दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग में हिस्सा लेते हैं और उन्हें इस प्रारूप की अच्छी समझ है। उन्होंने कैरेबियाई खिलाड़ियों की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि टीम का लगभग हर बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय गेंदबाज केवल शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को निशाना बनाकर निश्चिंत नहीं हो सकते। निचले क्रम के खिलाड़ी भी तेजी से रन बना सकते हैं। इसलिए सभी 10 विकेट हासिल होने तक भारत को अपनी रणनीति और एकाग्रता बनाए रखनी होगी।
डेरेन सैमी ने पावरप्ले को बताया अहम
वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डेरेन सैमी ने भी शुरुआती छह ओवरों को सीरीज के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि भारत को उसकी धरती पर हराने के लिए टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में पावरप्ले के दौरान बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
सैमी ने स्वीकार किया कि गेंदबाजी के शुरुआती ओवरों में अधिक रन खर्च करने के कारण वेस्टइंडीज को मैच में वापसी करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। उनके अनुसार, पावरप्ले में सुधार करना टीम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
भारत की तेज शुरुआत से परेशान वेस्टइंडीज
सैमी के मुताबिक, पावरप्ले के बाद के तीन चरणों में वेस्टइंडीज भारतीय टीम की रन गति को 10 रन प्रति ओवर से नीचे रखने में सफल रहा है। हालांकि, शुरुआती छह ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने लगभग 14.5 रन प्रति ओवर की दर से रन बनाए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी ने कुछ मुकाबलों में भारत से अधिक छक्के लगाए हैं। इसके बावजूद शुरुआती ओवरों में पिछड़ना टीम के लिए चुनौती बना हुआ है।
चौथे टी20 में भारत की कोशिश विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने की होगी। वहीं, वेस्टइंडीज पावरप्ले में बेहतर प्रदर्शन के जरिए सीरीज में वापसी करना चाहेगा।










