देश की सुरक्षा में “कवच”: रक्षा मंत्रालय की मंजूरी से सीमाओं पर बिछेगा AI-आधारित रडार और स्मार्ट सेंसर का जाल
खबर पर नजर
नई दिल्ली (खबर पर नजर ब्यूरो): भारत सरकार ने सीमाओं की सुरक्षा को अचूक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति ने भारतीय सीमाओं, विशेषकर पाकिस्तान (LoC) और चीन (LAC) से सटे संवेदनशील इलाकों में अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)-आधारित सर्विलांस सिस्टम तैनात करने के लिए ₹45,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला हाल के दिनों में सीमा पार से बढ़ती ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ की कोशिशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अभेद्य होगी सीमा: इस नए सिस्टम के तहत, सीमाओं पर केवल सैनिक ही नहीं, बल्कि तकनीक भी पहरा देगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन थर्मल कैमरे, लंबी दूरी के रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, और स्मार्ट सेंसर का एक एकीकृत नेटवर्क शामिल होगा। ये सभी उपकरण एक केंद्रीय कमांड सेंटर से जुड़े होंगे, जो वास्तविक समय में डेटा का विश्लेषण करेगा। यदि सीमा पर कोई भी हलचल होती है—चाहे वह इंसान हो, वाहन हो या ड्रोन—तो एआई सिस्टम तुरंत निकटतम सैन्य चौकी को सतर्क कर देगा। यह प्रणाली घने कोखरे, रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी सटीक काम करने में सक्षम है।
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा: इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें प्रमुख भारतीय रक्षा कंपनियों और कई टेक स्टार्टअप्स को शामिल किया जाएगा, जिससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि देश रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर भी बनेगा। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा और अगले 24 महीनों में इसे पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
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