क्या ओट्स से सच में कम होता है कोलेस्ट्रॉल? रिसर्च और एक्सपर्ट की राय ने खोला राज

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दिल की सेहत से जुड़ा बड़ा सवाल

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में लोग अक्सर ऐसे फूड्स की तलाश में रहते हैं, जो बिना दवा के उनके दिल को स्वस्थ रख सकें। हाल ही में ओट्स को लेकर एक नई चर्चा शुरू हुई है कि क्या यह वास्तव में खराब कोलेस्ट्रॉल कम कर सकता है?

क्या कहती है रिसर्च?

न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि Nature Communications में प्रकाशित एक क्लिनिकल रिसर्च में पाया गया कि मेटाबोलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोगों ने जब 48 घंटे तक सिर्फ ओट्स का सेवन किया, तो उनके LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल में करीब 10% की कमी देखी गई।

यह नतीजा सुनने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही इसके पीछे की सच्चाई को समझना जरूरी है।

बीटा-ग्लूकन का असर

ओट्स में पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकन एक घुलनशील फाइबर है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। यह फाइबर पाचन तंत्र में एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम कर देता है।

इसके अलावा, यह गट माइक्रोबायोम को भी सुधारता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर होती है।

क्या हर किसी के लिए सही है यह तरीका?

यहां सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या हर व्यक्ति इस डाइट को अपना सकता है? इसका जवाब है—नहीं।

रिसर्च में शामिल लोगों को रोजाना लगभग 300 ग्राम ओट्स दिए गए थे, जो आम जिंदगी में फॉलो करना बेहद मुश्किल है। इतनी मात्रा में केवल ओट्स खाना न तो संतुलित डाइट है और न ही लंबे समय तक संभव है।

सही तरीका क्या है?

न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए एक्सट्रीम डाइट की जरूरत नहीं है। इसके बजाय रोजाना 60 से 80 ग्राम ओट्स को संतुलित आहार में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है।

डेली डाइट में कैसे शामिल करें ओट्स?

ओट्स को अपने रोजाना के खाने में शामिल करना बेहद आसान है:

  • ओट्स की रोटी बनाकर
  • सब्जियों के साथ ओट्स चीला
  • ओट्स उपमा या खिचड़ी
  • दाल और सूप में मिलाकर
  • दही और सीड्स के साथ ओट्स बाउल

गट हेल्थ और हार्ट हेल्थ का कनेक्शन

विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर गट हेल्थ सीधे तौर पर दिल की सेहत से जुड़ी होती है। ओट्स में मौजूद फाइबर आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे सूजन कम होती है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है।

एक्सट्रीम डाइट से बचने की सलाह

लीमा महाजन बताती हैं कि केवल ओट्स पर आधारित डाइट अपनाना न तो जरूरी है और न ही सुरक्षित। शरीर को संतुलित पोषण की जरूरत होती है, जिसमें प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनरल्स शामिल होते हैं।

निष्कर्ष

ओट्स कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार जरूर है, लेकिन यह कोई जादुई उपाय नहीं है। सही मात्रा में और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन करना ही सबसे बेहतर तरीका है।

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Author: KPN News

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