नई दिल्ली, भारत | 27 अप्रैल 2024
विटामिन और सप्लीमेंट्स को अक्सर पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। शरीर में अत्यधिक विटामिन जमा होने से विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, कुछ सप्लीमेंट्स का सेवन नियमित दवाइयों के साथ मिलकर उनकी प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन की जरूरत जितनी होती है, उससे अधिक मात्रा लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, वसा घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन A, D, E और K शरीर में जमा हो जाते हैं, जिनका अधिक सेवन लिवर और किडनी पर दबाव डाल सकता है। वहीं, पानी घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन C और B कॉम्प्लेक्स अधिक मात्रा में लिए जाने पर भी किडनी स्टोन जैसे जोखिम बढ़ा सकते हैं।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कई लोग बिना डॉक्टर से सलाह लिए सप्लीमेंट्स का उपयोग करते हैं, जिससे दवाओं के साथ संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन K खून पतला करने वाली दवाओं के असर को कमजोर कर सकता है, जबकि विटामिन E और अन्य एंटीऑक्सिडेंट दवाओं के साथ इंटरैक्शन कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी सप्लीमेंट का उपयोग करने से पहले चिकित्सकीय जांच और सलाह अवश्य लें। किसी भी विटामिन या सप्लीमेंट की आवश्यकता और उनकी सही मात्राओं का निर्धारण डॉक्टर द्वारा किया जाना चाहिए। साथ ही, प्राकृतिक आहार और संतुलित खान-पान को प्राथमिकता देना चाहिए।
इस प्रकार, विटामिन सप्लीमेंट्स का अति उपयोग स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। सावधानी और उचित मार्गदर्शन के बिना इनका सेवन दीर्घकालीन हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित आहार के साथ विशेषज्ञों की सलाह पर अमल करें।
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संवाददाता: खुशी श्रीमाल
मार्गदर्शक: शैलेंद्र श्रीमाल (जिला अध्यक्ष – जैन पत्रकार परिषद, इंदौर)
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