तेलंगाना में ASHA कार्यकर्ताओं ने ₹18,000 फिक्स वेतन, नौकरी की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में मान्यता के लिए विरोध किया

ASHAs protest in Telangana for ₹18,000 fixed pay, job security, and recognition in public health system

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तेलंगाना में ASHA कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। इन स्वास्थ्यकर्मियों की मुख्य मांगें 18,000 रुपये का स्थिर वेतन, नौकरी की सुरक्षा और उन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पूरी मान्यता दिए जाने की हैं। प्रदर्शन के दौरान ASHA कार्यकर्ताओं ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी भी दी है यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं।

ASHA (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ता गाँवों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा हैं। वे मातृ और शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, कोविड-19 जागरूकता और अन्य जन स्वास्थ्य गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। परंतु, उनकी वेतन व्यवस्था और नौकरी के स्थाईकरण को लेकर लंबे समय से असंतोष व्याप्त रहा है।

तेलंगाना में ASHA कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उन्हें अस्थाई वेतन दिया जाता है जो उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुपात में कहीं कम है। वे मांग कर रही हैं कि राज्य सरकार उन्हें ₹18,000 मासिक फिक्स वेतन प्रदान करे, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, वे चाहते हैं कि उनके रोजगार को स्थाई किया जाए ताकि भविष्य की अनिश्चितताओं से वह बच सकें।

मीडिया से बातचीत में एक ASHA कार्यकर्ता ने कहा, “हमारा काम जनता की सेहत से जुड़ा हुआ है। बावजूद इसके, हमें ठीक प्रकार से भत्ता नहीं मिलता और नौकरी की कोई गारंटी नहीं है। हम चाहते हैं कि हमारी स्थिति सुधरे और हमें वह सम्मान मिले जिसकी हम हकदार हैं।”

सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार इस विषय को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ASHA कामगार ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना आवश्यक है ताकि वे बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी मांगें जायज़ हैं और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से उन्हें उचित वेतन और स्थाई नौकरी मिलनी चाहिए।

देश भर में ASHA कार्यकर्ता स्वास्थ सेवा के प्रमुख स्तंभ रहे हैं, खासकर ग्रामीण और गरीब इलाकों में। उनकी मेहनत और समर्पण से ही भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत बनी है। इसलिए, उनकी सुरक्षा, वेतन और मान्यता की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस विरोध के कारण क्यों हो रहे हैं? इसकी समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट होता है कि सरकार के समक्ष लगातार उठती मांगों के बावजूद अभी तक इस श्रेणी के कर्मचारियों को संतोषजनक待遇 नहीं मिला है, जिससे हकदार वर्ग असंतुष्ट है। ASHA कार्यकर्ता लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और उम्मीद है कि तेलंगाना सरकार जल्द ही सकारात्मक पहल करेगी।

अंत में, यह विरोध न केवल एक आर्थिक मांग है, बल्कि ASHA कार्यकर्ताओं की सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि उनकी बातों को सुनकर समाधान निकाला गया तो इससे न केवल ASHA कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा बल्कि पूरे स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

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संवाददाता: खुशी श्रीमाल
मार्गदर्शक: शैलेंद्र श्रीमाल (जिला अध्यक्ष – जैन पत्रकार परिषद, इंदौर)
वेबसाइट: www.kpnindia.in
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Author: KPN News

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