हरियाणा में महिलाओं की आकस्मिक अवकाश अवधि 20 से बढ़ाकर 25 दिन की गई: मुख्यमंत्री हरियाणा

हरियाणा में महिलाओ की कैजुअल लीव 20 से बढ़कर 25 की गई *मुख्यमंत्री हरियाणा*

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए आकस्मिक अवकाश की सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब महिलाएं सालाना 20 की बजाय 25 दिन तक आकस्मिक अवकाश ले सकेंगी। यह निर्णय महिला कर्मचारियों के हित में लिया गया है ताकि वे अपने व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें।

इस कदम को राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण माना जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं को हुए अतिरिक्त दबाव को ध्यान में रखते हुए यह बढ़ावा दिया गया है। सरकार का मानना है कि महिला कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाएं प्रदान करना हरियाणा के सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “हमारी सरकार महिलाओं के हित में निरंतर कदम उठा रही है। आकस्मिक अवकाश की अवधि को बढ़ाकर हम उन्हें कार्यालयीन और पारिवारिक जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने का अवसर देना चाहते हैं। यह निर्णय सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों में लागू होगा।”

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, महिला कर्मचारियों के लिए इस सुविधा का लाभ मिलने से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि महिलाओं की नौकरी के प्रति संतुष्टि भी बढ़ेगी। इसके साथ ही, यह कदम प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में लैंगिक समानता को भी मजबूती प्रदान करेगा।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि आकस्मिक अवकाश की अवधि बढ़ाने से महिलाओं में कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा, जिससे वे अपने परिवार और बच्चों की देखभाल के साथ कार्यालयीन जिम्मेदारियों को भी अच्छी तरह निभा सकेंगी। यह भारत सहित विश्वभर के कई सफल देशों में अपनाई जाने वाली पहल है जिसे अब हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर प्रभावी किया है।

अगले कुछ दिनों में संबंधित विभागों द्वारा नई नीति के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए जाएंगे और कार्यान्वयन संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। महिला कर्मचारियों को यह सुविधा जुलाई के पहले सप्ताह से उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश की जनता और महिला कार्यकर्ता संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। सरकार का यह प्रयास महिला कर्मचारियों की उत्पादकता और मनोबल को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास में योगदान देगा।

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KPN News
Author: KPN News

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₹7.78 lakh worth milk, ghee seized in Hyderabad during Statewide food safety drive

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