इंदौर नगर निगम बजट: आंकड़ों के भारी-भरकम जाल के बीच बुनियादी सुविधाओं पर दांव
विशेष रिपोर्ट: शैलेंद्र श्रीमाल (खबर पर नजर)
इंदौर। इंदौर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि शहर की भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा पेश किए गए 8,450 करोड़ रुपये के इस बजट को लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म है। आइए जानते हैं इस बजट की वे बारीक बातें जो सीधे इंदौर की जनता पर असर डालेंगी:
1. आय और व्यय का गणित: क्या यह ‘घाटे का बजट’ है?
बजट के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली बात आय का अंतर है।
* बजट घोषणा: 8,450 करोड़ रुपये।
* वास्तविक आय (बीते वर्ष): लगभग 2,433 करोड़ रुपये।
* वास्तविक व्यय (बीते वर्ष): लगभग 2,282 करोड़ रुपये।
विशेषज्ञों का मानना है कि निगम को केंद्र और राज्य सरकार के अनुदानों (Grant) और बाहरी निवेश पर बड़ी निर्भरता रखनी होगी ताकि 8 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया जा सके।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर: पुराने शहर और नए गांवों का संगम
महापौर ने मास्टर प्लान की सड़कों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण 29 नए गांवों का विकास है जो अब इंदौर का हिस्सा बन चुके हैं।
* अमृत 2.0: इस योजना के तहत पानी की लाइन बिछाने के लिए 700 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसका लक्ष्य हर घर तक शुद्ध जल पहुँचाना है।
* ड्रेनेज: शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए ड्रेनेज के लिए 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
3. डिजिटल इंदौर: 3D और स्मार्ट एड्रेस की ओर कदम
इंदौर अब ‘डिजिटल एड्रेस’ वाला देश का अग्रणी शहर बनने की ओर अग्रसर है।
* स्मार्ट एड्रेस: बजट में 25,000 घरों को विशिष्ट डिजिटल आईडी देने का प्रावधान है।
* पेपरलेस निगम: 30 लाख पुराने सरकारी दस्तावेजों को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे फाइलें ढूँढने की समस्या खत्म होगी।
4. स्वच्छता और पर्यावरण: वेस्ट से वेल्थ की यात्रा
स्वच्छता में नंबर 1 इंदौर अब कचरे से कमाई करने पर ध्यान दे रहा है।
* वेस्ट टू चारकोल: गीले कचरे से कोयला बनाने की दिशा में नए प्लांट का विस्तार।
* ग्रीन बॉन्ड: सोलर प्लांट के जरिए बिजली की लागत कम करने की योजना को उपलब्धि के रूप में पेश किया गया।
5. भागीरथपुरा हादसे का साया
बजट भाषण के दौरान महापौर ने भावुक होते हुए भागीरथपुरा अग्निकांड का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम न केवल शहर का विकास करेगा, बल्कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त रुख भी अपनाएगा। शहर की छवि खराब करने वालों को उन्होंने सीधी चेतावनी दी है।
निष्कर्ष
इस बजट में कोई नया टैक्स न लगाकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। हालांकि, विपक्ष इस बजट को ‘काल्पनिक आंकड़ों का मायाजाल’ कह सकता है, लेकिन महापौर का पूरा जोर वर्तमान में जारी प्रोजेक्ट्स को फिनिशिंग टच देने पर है। 8 अप्रैल को होने वाली परिषद की बैठक में इस पर तीखी बहस होने की संभावना है।
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शैलेंद्र श्रीमाल
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शैलें
द्र श्रीमाल – “खुशी श्रीमाल”
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