नन्ही काशी की जिंदगी के लिए 15 करोड़ की जंग, इंदौर में मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश भी रही नाकाम*

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## *खबर पर नजर: नन्ही काशी की जिंदगी के लिए 15 करोड़ की जंग, इंदौर में मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश भी रही नाकाम*
*इंदौर।* मासूम मुस्कान और बड़ी-बड़ी आँखों वाली 5 महीने की काशी आज मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रही है। काशी *SMA Type-1 (Spinal Muscular Atrophy)* नामक एक दुर्लभ और बेहद खतरनाक जेनेटिक बीमारी से जूझ रही है। इस बीमारी का इलाज मुमकिन तो है, लेकिन उसकी कीमत इतनी अधिक है कि एक साधारण परिवार के लिए उसे जुटाना नामुमकिन सा है।
### *15 करोड़ का एक इंजेक्शन और शासन की बेरुखी*
काशी के इलाज के लिए *’Zolgensma’* नामक जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जिसकी कीमत लगभग *15 करोड़ रुपये* है। परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो स्थानीय पार्षद, न सांसद और न ही किसी मंत्री की ओर से कोई ठोस मदद मिली है।
### *मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे पर भी छाई रही मायूसी*
हाल ही में जब प्रदेश के मुख्यमंत्री इंदौर में दशहरा मैदान पर एक कार्यक्रम में शामिल होने आए, तो काशी के परिजनों और समर्थकों ने उनसे मिलकर गुहार लगाने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक घेरे के चलते उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुँचने ही नहीं दिया गया। अपनी ही सरकार से मिलने की यह नाकाम कोशिश परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी।
### *क्या है SMA Type-1?*
यह एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर की मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह मासूम की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि जितनी जल्दी ‘Zolgensma’ इंजेक्शन लगे, काशी के बचने की उम्मीद उतनी ही ज्यादा है।
### *जनता से अपील: आपका एक छोटा सहयोग बचा सकता है एक जान*
जब सत्ता और शासन के दरवाजे बंद नजर आ रहे हों, तब समाज की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। काशी के समर्थन में शहर में पोस्टर लगाए गए हैं और सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ी गई है।
> *मदद के लिए जानकारी:*
> * *UPI ID:* prakrati1990@ibl
> * *QR Code:* पोस्टर पर दिए गए कोड को स्कैन कर सीधे मदद भेजी जा सकती है।
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वक्त तेजी से निकल रहा है। इंदौर की जनता और सक्षम लोगों से अपील है कि इस नन्ही जान को बचाने के लिए आगे आएं। आपकी दुआ और छोटी सी मदद ही काशी की आखिरी उम्मीद है।
*रिपोर्ट:* खबर पर नजर परिवार (शैलेंद्र श्रीमाल)
*वेबसाइट:* www.hearingcareaid.in (कान की मशीन के लिए यहाँ क्लिक करें)

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Author: KPN News

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