नई दिल्ली, दिल्ली
ब्रिक्स के नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा किए जाने को भारतीय जनता पार्टी ने भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी स्पष्ट नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखा है। घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा के साथ वैश्विक सहयोग और विकास को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए नई दिल्ली घोषणापत्र को ब्रिक्स के विकास और वैश्विक व्यवस्था में हो रहे पुनर्संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में वैश्विक संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
स्मृति ईरानी के मुताबिक, भारत ने ब्रिक्स के मंच से यह स्पष्ट संदेश दिया कि वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्व वाला और समावेशी बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही विकास को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के केंद्र में रखने और विकासशील देशों की चिंताओं को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक महत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी ब्रिक्स सम्मेलन को ऐतिहासिक सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। उनके अनुसार, सम्मेलन में आतंकवाद जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दे पर भारत की चिंताओं को प्रमुखता मिलना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ब्रिक्स में भारत के साथ चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई प्रमुख देश शामिल हैं। ऐसे में समूह के घोषणापत्र में पहलगाम हमले का उल्लेख भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट कार्रवाई की मांग करता रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाने और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया था।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नई दिल्ली घोषणापत्र भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है। उनका दावा है कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता मिलना भारत की विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती प्रभावशीलता का संकेत है। घोषणापत्र में विकास, वैश्विक सहयोग और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को महत्व दिए जाने को भी भारत की अध्यक्षता की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है।









