मानसून की तबाही का हिमाचल ने बनाया 3412.80 करोड़ का अंतिम हिसाब, केंद्र से मांगी अतिरिक्त मदद

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Shimla, Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का अंतिम आकलन सामने आ गया है। राज्य सरकार ने कुल 3412.80 करोड़ रुपये के नुकसान का अंतिम क्षति ज्ञापन अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल के समक्ष सौंपा है। इसके साथ ही प्रदेश ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहायता की मांग की है।

केंद्रीय दल के चार दिवसीय दौरे के समापन पर मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें मानसून आपदा से हुए नुकसान के आंकड़ों, उनके सत्यापन और केंद्र से मिलने वाली अतिरिक्त सहायता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्य के निदेशक-सह-विशेष सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) पुष्पेंद्र राणा ने केंद्रीय दल को अंतिम ज्ञापन सौंपा। इसमें लोक निर्माण विभाग की क्षतिग्रस्त सड़कों, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं, विद्युत ढांचे और कृषि भूमि को हुए नुकसान सहित विभिन्न क्षेत्रों का विवरण शामिल किया गया है।

केंद्रीय दल ने राज्य के संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अंतिम क्षति ज्ञापन एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के निर्धारित मानकों तथा दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए। नुकसान से जुड़े प्रत्येक दावे के समर्थन में जरूरी अभिलेख और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा क्षेत्रवार नुकसान का सटीक आकलन और सत्यापन करने तथा आवश्यक जानकारी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे केंद्र के स्तर पर सहायता के आकलन और आगे की प्रक्रिया को पूरा करने में मदद मिलेगी।

बैठक में राज्य सरकार ने हिमालयी भू-भाग की विशेष परिस्थितियों का मुद्दा भी उठाया। मुख्य सचिव ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में किसी भी आपदा के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण पर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक खर्च आता है। साथ ही हिमाचल को बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है।

राज्य सरकार ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के मौजूदा मानकों में संशोधन की आवश्यकता बताई है। सरकार ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की बहाली और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए एनडीआरएफ से राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया है।

अंतिम ज्ञापन और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त वित्तीय सहायता का मामला गृह मंत्रालय के स्तर पर आगे उठाया जाएगा।

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Author: KPN News

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