नई दिल्ली: भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-0 की हार के बाद श्रीलंका के टेस्ट टीम के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले लिया है। उनका मानना है कि अब टीम की कमान नई पीढ़ी के हाथ में जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा है कि वह टीम में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
नए कप्तान के लिए कुसल मेंडिस प्रबल दावेदार
श्रीलंका की टीम अब पाकिस्तान के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जो 9 नवंबर से रावलपिंडी में शुरू होगी। चयनकर्ताओं ने अभी तक धनंजय डी सिल्वा के विकल्प के रूप में किसी नए कप्तान का नाम घोषित नहीं किया है, लेकिन कुसल मेंडिस सबसे आगे नजर आ रहे हैं। यह नीति नए नेतृत्व को मौका देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
धनंजय डी सिल्वा ने कठिन फैसले के साथ कप्तानी छोड़ने का ऐलान करते हुए बताया कि टीम में बदलाव जरूरी है और नई पीढ़ी को नेतृत्व का मौका मिलने से टीम को भविष्य में मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वे क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेंगे।
श्रीलंका की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में हालत
विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के मौजूदा चरण में श्रीलंका की टीम फाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है। इस स्थिति में कप्तानी छोड़ने का निर्णय रणनीतिक दृष्टि से समझदार माना जा रहा है। इससे नए कप्तान को अगली चैप्टर के लिए टीम बनाने और बेहतर प्रदर्शन की तैयारी का अवसर मिलेगा।
श्रीलंका क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एशले डी सिल्वा ने धनंजय के फैसले का सम्मान करते हुए उनकी कप्तानी को सराहा और टीम में उनकी निरंतर उपस्थिति का स्वागत किया। उन्होंने टीम के लिए धनंजय के भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
धनंजय डी सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंका ने इस साल दो टेस्ट सीरीज खेलीं और दोनों में हार का सामना किया। भारत के खिलाफ 2 मैचों की सीरीज में 1-0 से हार मिली जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ भी टीम 1-0 से हार गई थी।
कप्तानी में धनंजय का कुल रिकॉर्ड 18 मैचों का रहा, जिसमें 7 जीत, 8 हार और 3 ड्रॉ शामिल हैं। 2024 में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा जब श्रीलंका ने बांग्लादेश में 2-0 से जीती और बाद में ओवल में भी जीत दर्ज की। हालांकि, सीरीज में कुल मिलाकर 2-1 से हार भी झेली।
इसके बाद टीम ने घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया, लेकिन अगले कुछ मैचों में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार हारें मिलीं। इस सिलसिले में लगातार 4 मुकाबलों की हार के कारण कप्तानी छोड़ना धनंजय का एक रणनीतिक फैसला बताया जा रहा है।










