नई दिल्ली: नेवी के पहले अग्निवीर बैच के जवान 21 नवंबर को सेवा से हटेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस बैच के 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नेवी में बने रहने का अवसर दिया गया है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अन्य विभागों के लिए सूची गृह मंत्रालय को भेज दी गई है।
नेवी में 25 प्रतिशत अग्निवीर रहेंगे
अग्निवीरों को नेवी में बने रहने का ऑफर मिल चुका है। जो अग्निवीर नेवी में नहीं रहेंगे, उनकी लिस्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है। गृह मंत्रालय के तहत आने वाले विभिन्न विभागों में उन्हें नौकरी के विकल्प दिए जाएंगे। इनमें पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस और अन्य विभाग शामिल हैं, जिन्होंने पहले से ही 10 से 20 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए आरक्षण घोषित किया है।
अग्निवीरों को उनके विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, ताकि वे अपनी पसंद के अनुसार अगली सेवा चुन सकें। यह कदम अग्निवीर योजना के दायरे में सेवा के बाद रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेनाओं की रिटेंशन रेट बढ़ाने की इच्छा
सूत्रों के अनुसार, सेनाएं अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद अधिकतम संख्या में सेवा में बनाए रखने की योजना बना रही हैं। हालांकि, सरकार ने इस प्रस्ताव पर फिलहाल फैसला टाल दिया है और कहा है कि पहले बैच की पूरी प्रक्रिया और उसके अनुभवों के आधार पर ही आगे चर्चा की जाएगी।
तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट को बढ़ाने की बात जोरशोर से कर रही हैं। वे लगभग छह महीने बाद नया प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत करेंगी, जब पहले बैच की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इस दौरान वे चार साल के फीडबैक और आंकड़ों के साथ सरकार को अपने तर्क प्रस्तुत करेंगी।
यह योजना अग्निवीरों की सेवा अवधि के बाद उनके कैरियर को सुरक्षित करने और सेना की कार्यशैली में सुधार लाने की दिशा में बजट और नीतिगत सुधार का हिस्सा है। सेनाओं का मानना है कि इससे सेवा की गुणवत्ता और अग्निवीरों की वापसी दर बेहतर होगी।
सरकार ने अग्निवीर योजना के पहले बैच को लेकर विस्तार से काम किया है और इसके प्रत्येक स्तर पर अग्निवीरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इसका मकसद सेना के जवानों को रोजगार सुरक्षा देना और उन्हें समाज में स्थापित करना है।
अग्निवीरों की सूची गृह मंत्रालय को भेजी गई है। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा उनकी नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अग्निवीर योजना इस तरह से नौजवानों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है और सैन्य सेवा को आकर्षक बना रही है।
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