राजस्थान में मिड डे मील दूध घोटाला: 5,000 किलो दूध पाउडर मावा कारोबारियों को बेचने का आरोप, चार शिक्षक गिरफ्तार

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जयपुर, राजस्थान

जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के तहत दिए जाने वाले दूध पाउडर की बिक्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूलों के लिए आवंटित करीब 5,000 किलो दूध पाउडर मावा कारोबारियों को बेच दिया गया। मामले में पुलिस ने चार शिक्षकों और दो मावा कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, राज्य के अलग-अलग स्कूलों में तैनात 116 अन्य शिक्षक भी पुलिस की जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।

 

पुलिस के अनुसार, यह मामला जयपुर जिले के चीथवाड़ी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां मावा बनाने वाली भट्टियों में दूध पाउडर की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले करीब 3,000 किलो दूध पाउडर बरामद किया था। इसके बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

छह लोग गिरफ्तार, 116 शिक्षक जांच के दायरे में

सामोद पुलिस थाना अधिकारी हेमराज सिंह के अनुसार, सरकारी स्कूलों के लिए आवंटित दूध पाउडर को मावा कारोबारियों तक पहुंचाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में चार शिक्षकों कन्हैया लाल, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार और जगदीश प्रसाद को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मावा कारोबारियों रामस्वरूप और मनोज को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दूध पाउडर स्कूलों तक पहुंचने से पहले या वहां से किस तरह कारोबारियों के पास पहुंचा। साथ ही, इस कथित बिक्री में अन्य लोगों की भूमिका और दूध पाउडर की कुल मात्रा से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

भीलवाड़ा के गोदाम से लाए गए थे दूध के पैकेट

पूछताछ में सामने आया कि दूध पाउडर के पैकेट भीलवाड़ा स्थित एसबीजी प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम से लाए गए थे। पुलिस इस आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी योजना के लिए आवंटित सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दूध पाउडर वितरित किया जाता है। नियमों के अनुसार, कक्षा एक से पांच तक के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रतिदिन 15 ग्राम दूध पाउडर और कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 20 ग्राम दूध पाउडर निर्धारित है।

बच्चों के पोषण से जुड़ा मामला

सरकारी स्कूलों में बच्चों के पोषण के लिए आवंटित सामग्री की कथित बिक्री ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस मामले में कितने लोग शामिल थे और दूध पाउडर की आपूर्ति में कहां-कहां अनियमितताएं हुईं।

फिलहाल, मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी और अन्य शिक्षकों की जांच की जानकारी सामने आई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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Author: KPN News

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