नई दिल्ली, भारत। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने जिंबाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नया इतिहास रच दिया। दोनों बल्लेबाजों की जोड़ी एक कैलेंडर वर्ष में 1000 या उससे अधिक रनों की साझेदारी करने वाली दुनिया की पहली जोड़ी बन गई। इस उपलब्धि के साथ दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शानदार साझेदारी का प्रदर्शन किया।
पहले ही ओवर में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना को एक कैलेंडर वर्ष में 1000 रनों की साझेदारी पूरी करने के लिए केवल 13 रनों की जरूरत थी। दोनों ने मुकाबले के पहले ही ओवर में यह आंकड़ा पार कर लिया। इस उपलब्धि ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी जोड़ी को खास स्थान दिलाया।
दोनों बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वे एक कैलेंडर वर्ष में किसी भी विकेट के लिए सबसे अधिक बार 50 या उससे ज्यादा रनों की साझेदारी करने वाली जोड़ी बन गईं। दोनों की यह नौवीं 50 से अधिक रनों की साझेदारी थी।
इससे पहले हांगकांग की महिला क्रिकेटर यास्मिन दासवानी और नताशा माइल्स की जोड़ी ने एक वर्ष में आठ बार 50 या उससे अधिक रनों की साझेदारी की थी। भारतीय जोड़ी ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
शेफाली का तूफानी अर्धशतक, मंधाना ने भी दिखाया दम
मुकाबले में शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 24 गेंदों में 55 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और चार छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर, कप्तान स्मृति मंधाना ने 25 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की। शेफाली के अर्धशतक और मंधाना की नाबाद पारी की बदौलत भारतीय टीम ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
भारत ने नौ विकेट से जीता मुकाबला
इससे पहले जिंबाब्वे की महिला टीम ने निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 102 रन बनाए थे। टीम की ओर से चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 34 रन और जोसेफिन नकोमो ने 27 रन का योगदान दिया। भारत की ओर से निक्की प्रसाद ने दो विकेट हासिल किए।
103 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की इस उपलब्धि ने भारतीय महिला क्रिकेट में उनकी मजबूत सलामी साझेदारी को एक नई पहचान दी है।










