नई दिल्ली, दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। कार्यक्रम में नकली दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के पुतले का दहन भी किया जाएगा। इसके जरिए नकली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ संदेश देने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहेंगी।
दो हजार से अधिक जवान संभालेंगे सुरक्षा
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए जाएंगे। विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) ने कार्यक्रम से दो दिन पहले ही सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली थी। सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
रामलीला स्थल के आसपास की इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रवेश द्वारों पर होगी सख्त जांच
कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा जांच की जाएगी। प्रवेश द्वारों पर तलाशी लेने के साथ प्रवेश पत्रों की भी जांच होगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता और त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी तैनात किया जाएगा।
सोमवार को भी रामलीला स्थल पर सुरक्षा जांच बढ़ाई गई थी। शाम सात बजे के बाद ही लोगों को रामलीला देखने के लिए प्रवेश दिया गया।
मेले में झूले रहेंगे बंद
दशहरा मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहने तक मेले में झूले बंद रखे जाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस सुरक्षा के अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी ध्यान देगी, ताकि कार्यक्रम के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बार रामलीला में पारंपरिक पुतलों के साथ नकली दवाओं की कालाबाजारी करने वालों का पुतला जलाना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा।










