राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) पर आधारित 20 घंटे का परिचयात्मक पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की समझ देने के साथ उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिखाना है।
इस पाठ्यक्रम को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास और IIT जोधपुर के सहयोग से तैयार किया गया है। इसे गतिविधियों पर आधारित बनाया गया है, ताकि विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक जानकारी प्राप्त करने के बजाय व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से भी विषय को समझ सकें।
AI की कार्यप्रणाली और सीमाओं को समझेंगे विद्यार्थी
इस मॉड्यूल के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार काम करता है और इसकी क्या सीमाएं हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को AI से मिलने वाले परिणामों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उनकी जांच और पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पाठ्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार तकनीकी इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यार्थियों को इंटरनेट मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरों, फर्जी वीडियो और ऑडियो की पहचान करने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही डीपफेक सामग्री को पहचानने और डेटा प्राइवेसी के महत्व को समझने में भी मदद मिलेगी।
बिना इंटरनेट वाले स्कूलों के विद्यार्थी भी कर सकेंगे अध्ययन
NCERT ने इस मॉड्यूल को इस तरह तैयार किया है कि कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा से वंचित स्कूलों के विद्यार्थी भी इसे आसानी से सीख सकें। इससे तकनीकी शिक्षा को अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पाठ्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। इसके जरिए विद्यार्थी AI के उपयोग के साथ उससे जुड़ी नैतिक जिम्मेदारियों को भी समझ सकेंगे।
यह पहल स्कूली शिक्षा में नई तकनीकों की समझ विकसित करने और विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में अधिक जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।









