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सावधान: एक ‘क्लिक’ और जीवन भर की कमाई साफ! डिजिटल शादी के कार्ड के पीछे छिपा है बड़ा अपराध
शादी के सीजन में साइबर ठगों ने निकाला लूट का नया तरीका; व्हाट्सएप पर आए अनजान ‘APK’ फाइलों से रहें दूर
इंदौर | विशेष संवाददाता
टेक्नोलॉजी के इस दौर में एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकती है। आजकल साइबर अपराधी लूट के लिए बंदूक नहीं, बल्कि एक ‘क्लिक’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में इन दिनों एक नया डिजिटल फ्रॉड तेजी से पैर पसार रहा है, जिसे साइबर एक्सपर्ट्स ने ‘वेडिंग कार्ड स्कैम’ (Wedding Card Scam) और ‘APK फ्रॉड’ का नाम दिया है।
कैसे बिछाया जाता है जाल?
अपराधी व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए आपको एक फाइल भेजते हैं। यह फाइल दिखने में डिजिटल शादी के निमंत्रण (Wedding Invitation) जैसी लगती है। फाइल का नाम अक्सर Wedding_Invitation.apk या Priority_Letter.apk होता है। चूँकि भारत में अभी शादियों का सीजन है, लोग इसे असली समझकर डाउनलोड कर लेते हैं।
क्लिक करते ही फोन हो जाता है ‘हैक’
जैसे ही आप इस फाइल पर क्लिक करते हैं, आपके फोन में एक खतरनाक मैलवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है। यह वायरस आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देता है।
* एसएमएस फॉरवर्डिंग: आपके फोन पर आने वाले बैंक के OTP सीधे ठगों के पास पहुँच जाते हैं।
* स्क्रीन शेयरिंग: ठग दूर बैठकर आपकी मोबाइल स्क्रीन देख सकते हैं।
* डेटा चोरी: आपकी निजी तस्वीरें और कॉन्टैक्ट लिस्ट भी चोरी कर ली जाती है।
हैरानी की बात यह है कि जब तक पीड़ित को कुछ समझ आता है, तब तक उसके बैंक खाते से लाखों रुपये गायब हो चुके होते हैं और फोन पूरी तरह से लॉक हो चुका होता है।
[बॉक्स खबर]: अपनी सुरक्षा अपने हाथ
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों को गांठ बांध लें:
* APK से रहें सावधान: व्हाट्सएप पर अगर कोई भी ऐसी फाइल आए जिसके नाम के अंत में .apk लिखा हो, तो उसे भूलकर भी न खोलें। शादी के कार्ड हमेशा वीडियो, इमेज या पीडीएफ (.pdf) फॉर्मेट में होते हैं, APK में नहीं।
* अनजान लिंक पर क्लिक न करें: लॉटरी, बिजली बिल अपडेट या फ्री गिफ्ट के नाम पर आए लिंक पर क्लिक न करें।
* अनजान स्रोतों को ब्लॉक करें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Install Unknown Apps’ के विकल्प को हमेशा बंद (OFF) रखें।
* तुरंत एक्शन लें: अगर गलती से क्लिक हो जाए, तो तुरंत फोन का इंटरनेट बंद करें, सिम कार्ड निकालें और अपने बैंक को सूचित करें। साथ ही 1930 पर साइबर सेल को शिकायत दर्ज कराएं।
खबर पर नजर की अपील:
आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा है। इस खबर को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें ताकि वे भी इस डिजिटल डकैती का शिकार होने से बच सकें।










