IARC द्वारा कार्सिनोजेनिक घोषित तीन आम दवाएं; विशेषज्ञों ने कहा, इलाज बंद न करें

Three common medicines classified as carcinogenic by IARC; experts urge patients not to stop treatment | Explained

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IARC द्वारा कार्सिनोजेनिक घोषित तीन आम दवाएं; विशेषज्ञों ने कहा, इलाज बंद न करें

नई दिल्ली – (रिपोर्टर)

खबर का सार

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा तीन आम दवाओं को कार्सिनोजेनिक यानी कैंसरकारी पदार्थ के तौर पर वर्गीकृत करने के बाद यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है। इनमें हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड, जो भारत में उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है, भी शामिल है। विशेषज्ञों ने बताया है कि इन दवाओं का उपचार बीच में छोड़ना मरीजों के लिए खतरे से खाली नहीं है, इसलिए इलाज जारी रखना आवश्यक है।

घटना का विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने हाल ही में तीन दवाओं को संभावित कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया है। हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड सहित ये दवाएं भारत समेत कई देशों में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग जैसी बीमारियों में अक्सर लिखी जाती हैं। हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड एक किफायती, उपलब्ध और प्रभावी दवा है जो ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करती है। इसके साथ ही यह दवा अन्य रक्तचाप कम करने वाली दवाओं के संयोजन में भी आम है।

सम्बंधित बयान/प्रतिक्रिया

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इन दवाओं को कार्सिनोजेनिक रेटिंग मिलने का आशय यह नहीं कि मरीज तुरंत अपनी दवाइयां बंद कर दें। डॉक्टरों का मानना है कि दवा बंद करने से हृदय और रक्तचाप संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं, जो मरीजों के लिए अधिक गंभीर साबित हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि दवा लेने से होने वाले लाभ, संभावित जोखिमों से कहीं अधिक होते हैं।

अतिरिक्त जानकारी और प्रभाव

विशेषज्ञों ने कहा है कि IARC की यह रिपोर्ट केवल जोखिम की संभावना दर्शाती है, निश्चित नहीं। दवाओं की डोज, उपचार अवधि, और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति देखने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, मरीज अपने डॉक्टर से परामर्श किए बिना दवा में बदलाव न करें। भारत में कैलिब्रेटेड उपचार जारी रहते हुए मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित जांच कराकर उपचार पूरी करें। यह स्वास्थ्य संचालन का एक अनिवार्य हिस्सा है।

इस प्रकार यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि जबकि दवाओं की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर निरंतर निगरानी आवश्यक है, चिकित्सकीय सलाह के बिना उपचार बंद करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए, विशेषज्ञों ने सभी मरीजों को दवाओं का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के बंद न करने की चेतावनी दी है, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित बना रहे।

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Author: KPN News

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