शिमला, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने वंदे मातरम् को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1937 तक वंदे मातरम् के सभी छंद गाए जाते थे, लेकिन जिन्ना और मुस्लिम लीग के विरोध के बाद इसके दो छंद हटा दिए गए। शांता कुमार ने सवाल उठाया कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी क्या भारत जिन्ना और मुस्लिम लीग की सोच के अनुसार चलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक बयान में कहा कि वर्ष 1937 में वंदे मातरम् के दो छंदों पर आपत्ति जताई गई थी। उनके अनुसार, इन छंदों में हिंदू धर्म की देवियों माता लक्ष्मी और माता दुर्गा का वंदन किया गया था, जिसका जिन्ना और मुस्लिम लीग ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस का प्रस्ताव पारित हुआ और दो छंद हटा दिए गए।
शांता कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि उसे माता लक्ष्मी और माता दुर्गा के वंदन से क्या आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की कांग्रेस मुस्लिम लीग की तरह काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत जागरूक है और वंदे मातरम् के साथ हुए किसी भी तरह के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में वंदे मातरम् और इसके इतिहास को लेकर बहस तेज हो सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वंदे मातरम् लंबे समय से देश की राजनीति और सांस्कृतिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में शांता कुमार के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
Author: KPN News
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