कृति सेनन के रक्षाबंधन ऐड पर विवाद के बाद कंपनी ने लिया फैसला, सभी प्लेटफॉर्म से हटाया विज्ञापन

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नई दिल्ली, दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन का रक्षाबंधन विशेष विज्ञापन विवादों में घिरने के बाद संबंधित कंपनी ने इसे सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। विज्ञापन में अभिनेत्री के पहनावे और प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई थी। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यदि विज्ञापन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो यह उसका उद्देश्य नहीं था।

हाल ही में एक मशहूर ज्वैलरी कंपनी ने रक्षाबंधन के अवसर पर कृति सेनन को लेकर एक विशेष विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में कृति सफेद रंग की ब्रालेट पहने नजर आई थीं। वह एक युवक और एक पालतू कुत्ते को राखी बांधती दिखाई दीं।

विज्ञापन के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई यूजर्स ने रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व से जुड़े विज्ञापन में अभिनेत्री के पहनावे को लेकर आपत्ति जताई। कुछ लोगों ने विज्ञापन की अवधारणा और उसमें पालतू कुत्ते को राखी बांधने के दृश्य पर भी सवाल उठाए।

विवाद बढ़ने के साथ ही कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री कंगना रनौत समेत कुछ लोगों ने विज्ञापन की आलोचना की। सोशल मीडिया पर लगातार जारी बहस के बाद कंपनी पर विज्ञापन हटाने का दबाव बढ़ता गया।

आखिरकार बुधवार, 26 अगस्त को कंपनी ने कृति सेनन वाले रक्षाबंधन विज्ञापन को हटाने का फैसला कर लिया। समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से भी कंपनी के इस फैसले की जानकारी साझा की गई।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति उसके मन में गहरा सम्मान है। कंपनी के अनुसार, एक ब्रांड के रूप में वह हमेशा पूरे परिवार के साथ खुशी के अवसरों का जश्न मनाने में विश्वास करती है। इस बार विज्ञापन के माध्यम से पालतू जानवरों के प्रति प्रेम और उत्सव की भावना को भी शामिल करने का प्रयास किया गया था।

कंपनी ने कहा कि यदि उसके हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं तो ऐसा करना उसका उद्देश्य बिल्कुल नहीं था। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने का फैसला किया गया।

इससे पहले कृति सेनन ने भी ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी थी। अभिनेत्री ने कहा था कि महिलाओं को यह नहीं बताया जाना चाहिए कि उन्हें क्या पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी त्योहार, रीति-रिवाज या परंपरा का संबंध केवल किसी के पहनावे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

विज्ञापन हटाए जाने के बाद भी यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है।

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Author: KPN News

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