अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की एक झलक: इंदौर के नाकोड़ा जैन मंदिर में नए वैभव का सूर्योदय

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अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की एक झलक: इंदौर के नाकोड़ा जैन मंदिर में नए वैभव का सूर्योदय

गुमाश्ता नगर, इंदौर। गुमाश्ता नगर स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर अपनी 40 वर्ष की आध्यात्मिक यात्रा में एक नया स्वर्णिम अध्याय रचते हुए भव्य विस्तार प्राप्त किया है। नक्काशीदार पत्थरों की अद्भुत कारीगरी, विस्तृत परिसर और आधुनिक सुविधाओं से समृद्ध यह जिनालय अब पश्चिम इंदौर का प्रमुख जैन तीर्थ केंद्र बनकर उभरा है।

नव-विकसित वेदियाँ: मंदिर में नव-विकसित वेदियाँ सिद्धचक्र, मणिभद्रदेव, अंबिका माता, सरस्वती माता, आचार्य नवरत्नसागर सूरीश्वरजी महाराज, भगवान नेमिनाथ और भगवान विमलनाथ के नूतन जिनबिंबों की प्रतिष्ठा हेतु दो दिवसीय अंजनशलाका महोत्सव का आयोजन हुआ।

आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में प्रतिष्ठा:

शुक्रवार को आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी म.सा. एवं साधु-साध्वी मंडल के सान्निध्य में मंगल प्रवेश शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी म.सा., आचार्य श्री शुद्धरत्नसागर सूरीश्वरजी म.सा., साध्वीवर्या श्री बुद्धिरत्नाश्रीजी म.सा. सहित 100 से अधिक साधु-साध्वी मंडल का मंगल प्रवेश हुआ और संपूर्ण आयोजन उनके मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।

मुख्य प्रतिष्ठा एवं शांति कलश महोत्सव:

मुख्य प्रतिष्ठा एवं शांति कलश महोत्सव का लाभ हेमन्त-दिलीप मूंदड़िया परिवार द्वारा लिया गया। यह महोत्सव आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में 23 नवंबर को प्रतिष्ठा एवं शांति कलश महोत्सव संपन्न होगा।

मंदिर निर्माण की यात्रा:

मंदिर निर्माण लगभग 35 वर्ष पूर्व श्री इंदौर वैश्य मार्केट मध्यवर्गीय गृह निर्माण संस्था से प्राप्त 5000 वर्गफुट भूमि से प्रारंभ हुआ। प्रवर्तक नवरत्नसागर महाराज और मुक्तरत्न महाराज के मार्गदर्शन में समाज के श्रमदान और सहयोग ने कार्य को निरंतर प्रगति दी। 1990 में अरे गृहगर्भ में पहली प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिसमें भगवान श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ, आदिनाथ, शांतिनाथ, गौतम स्वामी और नाकोड़ा भैरव देव की मूर्तियाँ स्थापित की गईं।

सामाजिक योगदान और भव्यता:

ट्रस्टी रोहित जैन और सुभाष नाहर ने बताया कि समाज की एकजुटता और सेवा-भाव के कारण ही यह मंदिर आज अपने भव्य स्वरूप में विराजमान है।

अध्यक्ष सुरेंद्र छाजेड़ और भूपेंद्र जैन ने बताया कि बढ़ती आस्था और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पास की भूमि अधिग्रहित कर विस्तार कार्य पूर्ण किया गया है। मंदिर में धार्मिक संगठनों और नागरिकों के स्वागत की व्यवस्था की गई है।

भव्य शोभायात्रा:

अंजनशलाका महोत्सव के लिए 2 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में हजारों अनुयायी शामिल हुए।

भक्ति संध्या:

राधिका-बामे की भजन सम्राट दीपक रावल, गायिका गप्पीला वडेरा और सेजल ढोनी ने दिव्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संयोजन नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्त मंडल द्वारा किया गया। महोत्सव लाभार्थियों और समाज सेवा में सक्रिय सदस्यों को शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया।

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Author: KPN News

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