नई दिल्ली, दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से वीडियो हटाए जाने के मामले में मेटा ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। कंपनी ने कहा कि वीडियो किसी कानूनी आदेश के कारण नहीं हटाया गया था, बल्कि प्लेटफॉर्म पर आई एक अस्थायी तकनीकी समस्या की वजह से कुछ समय के लिए अनुपलब्ध हो गया था। तकनीकी खामी दूर होने के बाद वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया गया है।
यह वीडियो 23 जुलाई को जारी किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर सरकार कठोर कदम उठाएगी। वीडियो को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने देखा था और इसे लाखों व्यूज मिल चुके थे।
28 जुलाई की सुबह कुछ समय के लिए फेसबुक पर वीडियो की जगह एक नोटिस दिखाई देने लगा, जिसमें कानूनी अनुरोध के कारण कंटेंट प्रतिबंधित होने की बात कही गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई और कई भाजपा नेताओं ने भी इस पर सवाल उठाए।
मेटा ने बाद में स्पष्ट किया कि वीडियो हटाने के पीछे कोई कानूनी कारण नहीं था। कंपनी ने तकनीकी त्रुटि के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा से स्पष्टीकरण मांगा है। बताया जा रहा है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से इस घटना की पूरी जानकारी देने को कहा गया है।









