नई दिल्ली, दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली के रानीखेड़ा गांव में पिछले करीब दो महीनों से चोरी की बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है। लगातार हो रही वारदातों से परेशान लोगों ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है। ग्रामीण रात में बारी-बारी से ‘ठीकरी पहरा’ दे रहे हैं और गांव की गलियों में निगरानी कर रहे हैं।
रानीखेड़ा गांव की खास बात यह है कि यहां से पुलिस थाना करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें रात में खुद पहरा देना पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और इससे गांव में डर का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार सर्दियों में हर साल गांव में चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार भी पिछले दो महीनों से चोरी की वारदातों को लेकर लोग परेशान हैं। रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ग्रामीण समूह बनाकर पहरा दे रहे हैं।
चोरों का पीछा करना भी पड़ रहा भारी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संदिग्ध चोरों को पकड़ने या उनका पीछा करने की कोशिश की जाती है। लेकिन ऐसी स्थिति में ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ घटनाओं में चोरों का पीछा करने वालों पर फायरिंग तक किए जाने की बात सामने आई है।
ऐसे में गांव के लोग एक तरफ चोरी की घटनाओं से परेशान हैं और दूसरी तरफ चोरों का सामना करने में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने शुरू किया ठीकरी पहरा
लगातार वारदातों के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रात में पहरा देना शुरू किया है। गांव के लोग बारी-बारी से रात के अलग-अलग समय में निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह व्यवस्था उनकी मजबूरी है, क्योंकि लगातार चोरी की घटनाओं के कारण लोग अपने घरों को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से गांव में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए तो चोरी की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
पुलिसिंग पर उठे सवाल
रानीखेड़ा में ग्रामीणों का खुद पहरा देना राजधानी की पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब थाना कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है, तब भी उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए रात में सड़कों पर पहरा देना पड़ रहा है।
लोगों ने पुलिस से चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपितों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी और रात के समय प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल ग्रामीण खुद पहरा देकर अपने गांव की सुरक्षा करने में जुटे हैं। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और चोरी की घटनाओं पर जल्द नियंत्रण पाया जाएगा।









