अमेरिका की क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 55 लाख रुपये की 65000 USDT को खरीदवाकर फिर धोखाधडी से क्रिप्टो करेंसी पीड़ित के वॉलेट से गायब करने वाले गिरोह के दो सदस्य को राज्य सायबर सेल, इन्दौर के शिकंजे में।*

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*अमेरिका की क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 55 लाख रुपये की 65000 USDT को खरीदवाकर फिर धोखाधडी से क्रिप्टो करेंसी पीड़ित के वॉलेट से गायब करने वाले गिरोह के दो सदस्य को राज्य सायबर सेल, इन्दौर के शिकंजे में।*

 

1. आवेदक इंदौर में प्रॉपर्टी का काम करता है जिसे प्लॉट की डील करने पर बड़ी राशि मिली थी जिससे वह टोयोटा फॉर्च्यूनर वाहन खरीदना चाहता था लेकिन आरोपी ठगों द्वारा उसे अमेरिकी क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्टमेंट कर कर, उसकी राशि दोगुना करने का झांसा दिया गया। आरोपी कारण द्वारा पीड़ित व्यक्ति से पहले नगद राशि ली गई और उसे नगद राशि से पीड़ित व्यक्ति को क्रिप्टोकरंसी (यू एस डी टी )खरीदवाये गए क्रिप्टो करेंसी के नाम से धोखा करने वाले में से एक आरोपी मुर्तजा नगद राशि लेकर अन्य आरोपी ताहिर महूवाला से खरीदवाता था, यूएसडीटी।

 

2. दोनों आरोपी नगद राशि प्राप्त कर अपना कमीशन काट कर करवाते थे, यूएसडीटी ट्रांसफर।

 

3. आवेदक को आरोपियों ने कॉइन ऑथेन्टीकेटर की लिंक भेजकर यूएसडीटी चेक करने के नाम पर आवेदक के ट्रस्ट वॉलेट से उडायी यूएसडीटी।

 

4. दोनों आरोपियों से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल मय सीम के किये जप्त।

 

*दर्ज अपराध का विवरण:-*

 

आवेदक हितैश प्रधान निवासी – इन्दौर की लिखित शिकायत पर से राज्य सायबर सेल इन्दौर द्वारा अपराध क्रमांक 206/2025 धारा 318(4), 319(2) बी0एन0एस0 एवं 66डी आइटी एक्ट का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए एक टीम निरीक्षक अंजू पटेल सउनि रामप्रकाश बाजपेई एवं आर0 81 रमेश भिडे की गठित की गयी। टीम द्वारा आवेदक की शिकायत पर से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण कर पाया कि आरोपी मुर्तजा शैफी निवासी – खातीवाला टैंक इन्दौर द्वारा अन्य सह आरोपी के साथ मिलकर आवेदक से नगद 55 लाख रूपये लेकर 65000 यूएसडीटी ( यूनाइटेड स्टेट्स डिजिटल तिथर करेंसी )आवेदक के ट्रस्ट वॉलेट में ट्रांसफर करवायी थी। ट्रस्ट वॉलेट एक मोबाइल ऐप है जैसे मोबाइल में डाउनलोड करवाने के बाद क्रिप्टोकरंसी को खरीदा जा सकता है बेचा जा सकता है तथा स्टोर किया जा सकता है। ऐप डाउनलोड करवाने के बाद में उन यूएसडीटी को एथेंटीकेट के नाम पर आवेदक को कॉइन एथेंटीकेशन की एक लिंक भेजकर उस पर एथेंटीकेट करने के लिये बोला गया। जैसे ही आवेदक ने एथेंटीकेट करने के लिये लिंक पर क्लिक किया, आवेदक के ट्रस्ट वॉलेट से पूरे 65000 यूएसडीटी अन्य वॉलेट पर ट्रांसफर हो गयी।

 

 

*ऐसे आये अपराधी गिरफ्त में:*- आवेदक के द्वारा दिये गये दस्तावेजों पर से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर आरोपिगणों की पतारसी कर मुर्तजा शेफी पिता सैफूद्दीन शेफी उम्र- 48 साल निवासी- 304, बादशाह हैरिटेज 784 खाती वाला टैंक इन्दौर एवं ताहिर महूवाला पिता अमिरूदृदीन महूवाला उम्र- 22 साल निवासी- 109, बौराह कॉलोनी केट रोड राउ इन्दौर को पकडकर पूछताछ की गयी, तो आरोपी मुर्तजा शैफी द्वारा बताया गया कि अन्य सह आरोपी के कहने पर आवेदक से नगद 55 लाख रूपये लेकर आरोपी ताहिर महूवाला से 65000 यूएसडीटी ट्रस्ट वॉलेट में ट्रांसफर करवायी थी। बाद पूछताछ आरोपी गणों से अन्य सह आरोपीगणों से व्हाट्सएप चैट एवं अपराध में प्रयुक्त मोबाइल व सीम जप्त किये गये है।

*आरोपी का नाम पताः*- 1. मुर्तजा शेफी पिता सैफूद्दीन शेफी उम्र- 48 साल निवासी- 304, बादशाह हैरिटेज 784 खाती वाला टैंक इन्दौर

2. ताहिर महूवाला पिता अमिरूदृदीन महूवाला उम्र- 22 साल निवासी- 109, बौराह कॉलोनी केट रोड राउ इन्दौर

*सराहनीय भूमिका:*- पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल झोन इन्दौर एवं उप पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल झोन इन्दौर के नेतृत्व में निरीक्षक अंजू पटेल, सउनि रामप्रकाश बाजपेई, आर0 रमेश भिडे, आर0 मोहित तोमर, आर0 नितिन सिसौदिया।

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Author: KPN News

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