खबर पर नजर की ओर से विशेष खबर: गणतंत्र दिवस पर इंदौर के सेंट्रल जेल की झांकी
इंदौर। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस वर्ष मध्य प्रदेश की केंद्रीय जेलों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनने जा रही है। इंदौर सेंट्रल जेल की यह झांकी न केवल देशभक्ति का संदेश देगी, बल्कि बंदियों के सुधार, आत्मनिर्भरता और उनके सकारात्मक पुनर्वास का एक सशक्त उदाहरण समाज के सामने पेश करेगी। जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि इस वर्ष झांकी का मुख्य विषय गौशाला, स्वदेशी उत्पादन और बंदियों के कौशल विकास पर केंद्रित रखा गया है।
आत्मनिर्भरता की झलक: गौशाला और स्वदेशी उत्पाद
इस विशेष झांकी में गौशाला को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यहाँ बंदी गाय के गोबर से धूपबत्ती जैसे उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बना रहे हैं। इसके माध्यम से समाज को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया गया है। साथ ही, बंदियों के आचरण एवं उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था को भी जीवंत रूप में दिखाया गया है।
महिला बंदियों का हुनर और तकनीकी समावेश
झांकी के निर्माण में महिला बंदियों की भी अहम भागीदारी रही है। महिला व पुरुष बंदियों ने आपसी सहयोग से मात्र 15 दिनों में इस भव्य झांकी को तैयार किया है। इसमें महिला बंदियों द्वारा हैंडलूम पर किए जा रहे बारीक कार्यों का प्रदर्शन शामिल है। निर्माण के दौरान वेल्डिंग, पेंटिंग और अन्य तकनीकी कार्य भी जेल परिसर के भीतर ही संपन्न किए गए, जिससे बंदियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ मिला है।
अध्यात्म और आधुनिकता का संगम
इस वर्ष झांकी में श्रीमद्भगवद्गीता के सार और जीवन मूल्यों पर आधारित एक विशेष मॉडल तैयार किया गया है, जो नैतिक शिक्षा का संचार करता है। इसके साथ ही, जेल में उपयोग होने वाली हाइड्रोलिक पावर प्रेस मशीन का मॉडल भी प्रदर्शित है। इस तकनीक के माध्यम से बंदी स्वयं स्टील की थाली, गिलास और कटोरी जैसे बर्तन तैयार करते हैं, जिनकी आपूर्ति मध्य प्रदेश के सभी जिलों में की जाती है।
सुधार की राह: 9 बंदियों को मिलेगी राहत
वर्तमान में प्रदेश की केंद्रीय जेलों में 32 गौशालाएं संचालित हैं और इंदौर जेल में भी इसका निर्माण जल्द पूर्ण होने वाला है। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर इंदौर केंद्रीय जेल से नौ बंदियों को उनके उत्कृष्ट और सुधरे हुए आचरण के आधार पर माफी एवं सजा में राहत प्रदान की जाएगी। यह झांकी स्पष्ट संदेश देती है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो हर व्यक्ति सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
प्रस्तुति: खुशी श्रीमाल
संस्थान: खबर पर नजर परिवार










